अनिल सक्सेना की रिपोर्ट*
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) व्दारा प्रेस कॉन्फ्रेंस / प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि देश की तीनों ऑयल कंपनियों, IOCL/BPCL/HPCL के सभी 26000 वितरक दिनांक 05/10/26 को जिला मुख्यालय पर कैंडल मार्च करेंगे तथा दिनांक 06/10/2026 को नो मनी नो इंडेट अर्थात उक्त दिनांक को कोई भी वितरक न तो कंपनी के खाते में पैसा ट्रांसफर करेगा और न ही इंडेट ( मांग पत्र) करेगा। देश के सभी एलपीजी वितरक 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेंगे, और उसके बाद भी यदि उनकी प्रमुख मांगे नहीं मानी गई तो देश के सारे वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाएंगे। एलपीजी वितरकों ने सरकार से होम डिलीवरी एवं प्रशासनिक शुल्क (कमीशन) में Rs. 75/- रूपये, की तत्काल वृद्धि करने, देश में एलपीजी उपभोक्ताओं के ऊपर गैर कानूनी तरीके से पीएनजी लेने की अनिवार्य शर्तों को हटाने संबंधी आदेश को वापस लेने, गैर कानूनी तरीके से उपभोक्ताओं की, की गई प्रत्येक ई- केवाईसी के लिए Rs. 236/- रुपए का भुगतान करने सार्वजनिक तेल कंपनियों के अधिकारियों द्वारा एकाधिकार पूर्ण कार्यवाही करते हुए, एलपीजी वितरक के माध्यम से जबरन, चूल्हा, रबर ट्यूब, फायरवॉल, ट्रॉली, चाय पत्ती एवं अन्य उत्पाद बेचने की कार्यवाही को रोकने, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का उल्लंघन करते हुए जबरन 5KG/ 19KG की गैर कानूनी बिक्री को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने आदि की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) ने भारत के प्रधानमंत्री, भारत के पेट्रोलियम मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, एवं डॉ नीरज मितल, सचिव पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से अनुरोध किया है कि एलपीजी वितरकों की उचित और न्याय पूर्ण मांगों को तत्काल पूरा किया जाए, अन्यथा एलपीजी वितरक के पास अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं होगा, तथा देश की जनता को होने वाली असुविधा के लिए भारत सरकार उत्तरदाई होगी।