निज संवाददाता
लखनऊ! अगर उत्तर प्रदेश के लगभग बीस लाख प्राइमरी हेल्थ प्रोवाइडर्स को 31 दिसंबर तक चिकित्सा मित्र घोषित कर प्राथमिक उपचार करने का आदेश उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा जारी न हुआ तो देश के लाखों पदाधिकारी लखनऊ में विधान भवन का घेराव करेंगे।
उक्त जानकारी आज यहां पत्रकारों को देते हुए इंडियन रूरल मेडिकोज सोसायटी के अध्यक्ष डॉ ओ0पी0 मिश्रा ने बताया कि इस बात की जानकारी भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जो उपमुख्यमंत्री भी हैं को लिखित में दी जा चुकी है।
डॉक्टर मिश्रा का कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जो स्थिति ग्रामीण भारत के लोगों की है वह किसी से छिपी नहीं है ।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बड़े-बड़े विज्ञापन तो छपवा रही है लेकिन नकली दावाओ की बिक्री पर ना तो रोक लगा पा रही है ना ही आम आदमी के स्वास्थ्य की किसी को चिंता है । डॉक्टर मिश्रा ने बताया कि कहीं डॉक्टर है तो अस्पताल नहीं, कहीं अस्पताल हैं तो डॉक्टर नहीं, कहीं इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं तो कहीं दावाओ का अभाव है।
आईआरएमएस के अध्यक्ष ने आगे बताया कि अगर योगी सरकार ने अपनी रीति-नीति में सुधार नहीं किया तथा चिकित्सा मित्रों को लेकर है हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो चुनाव में भाजपा के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा।
डॉक्टर मिश्रा ने इसके लिए एक हेल्पलाइन 9076776560 जारी करते हुए कहा कि चिकित्सा मित्र अपने ज्ञान को अपडेट करने के लिए तथा अन्य किसी प्रशासनिक समस्या के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।