चित्रकूट में सदी की सबसे बड़ी बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर राहत कार्य* *संकटमोचक’ बनकर उभरी योगी सरकार*

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

चित्रकूट:-* धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने के साथ ही जनजीवन तेजी से पटरी पर लौटने लगा है। बाढ़ का पानी उतरते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पूरी ताकत से राहत और बहाली के काम में जुट गया है। संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने और उनके दर्द पर मरहम लगाने के लिए योगी सरकार ‘संकटमोचक’ की भूमिका में खड़ी नजर आ रही है।शनिवार को मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने प्रमुख धार्मिक स्थल रामघाट का स्थलीय निरीक्षण किया। इन अधिकारियों ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति को देखा और सम्बंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं जल्द से जल्द दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।

*नुकसान का जल्द पूरा होगा सटीक सर्वे, मिलेगा मुआवजा*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित दुकानदारों और संपत्ति स्वामियों के नुकसान का तत्काल और सटीक सर्वे कराने का आदेश दिया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि सर्वे रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जाए ताकि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पीड़ितों को सरकारी नियमानुसार बिना किसी देरी के मुआवजा और आर्थिक मदद दी जा सके।

*300 से अधिक सफाईकर्मी तैनात, बांटी जा रहीं राशन किट*

रामघाट और आस-पास के क्षेत्रों से बाढ़ के मलबे और कीचड़ को हटाने के लिए नगर पालिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एसडीएम कर्वी के मुताबिक मौके पर 300 से अधिक सफाईकर्मियों को युद्धस्तर पर सफाई कार्य में लगाया गया है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अब तक 800 से अधिक राशन किटों का वितरण किया जा चुका है और यह काम लगातार जारी है। इसके साथ ही बाढ़ के कारण चरमराई बुनियादी सुविधाओं को ठीक करने के लिए प्रशासन दिन-रात एक कर रहा है। प्रभावित इलाकों में पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हुए बिजली के खंभों और तारों को तुरंत ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए बिजली विभाग को सख्त हिदायत दी गई है। चित्रकूट के पीड़ित लोगों का कहना है कि योगी सरकार की इस संवेदनशील कार्रवाई से उन्हें इस भीषण आपदा से उबरने का बड़ा संबल मिला है।

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