*कालिंजर में विधिक जागरूकता शिविर, बच्चों को सुरक्षित बचपन और कानूनी अधिकारों का दिया संदेश*

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्षा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमती अल्पना के निर्देशन में रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज, कालिंजर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य अभियान’, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, पॉक्सो एक्ट-2012 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षा श्रीमती अल्पना ने की। उन्होंने आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली मेगा राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी देते हुए कहा कि लोक अदालत के माध्यम से बैंक वसूली, किरायेदारी, दीवानी, उत्तराधिकार, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, चेक बाउंस, जनोपयोगी सेवाओं, राजस्व, चकबंदी, श्रम तथा शमनीय प्रकृति के आपराधिक मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है। यातायात संबंधी ई-चालानों के निस्तारण तथा बैंकिंग एवं वित्तीय मामलों के त्वरित समाधान के लिए विशेष लोक अदालत के आयोजन की भी जानकारी दी गई।

विशेष न्यायाधीश डकैती डॉ. विकास श्रीवास्तव ने ‘सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य’ अभियान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को यौन शोषण एवं उत्पीड़न से बचाने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए संवाद, चित्रों, लघु फिल्मों एवं अन्य प्रभावी माध्यमों के इस्तेमाल पर जोर दिया।

अपर जिला जज श्रीपाल सिंह ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित किए जाने का प्रावधान है।

सिविल जज (जू.डि.) नरैनी एवं ग्राम न्यायालय के न्यायाधिकारी श्री आलोक कुमार वर्मा ने यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 (POCSO Act) के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने तथा विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित प्राधिकारी को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान रोटी बैंक सोसाइटी, बांदा की ओर से अध्यक्ष श्री रिजवान अली, संगठन मंत्री श्री सुनील सक्सेना एवं उनकी टीम ने बच्चों को ज्योमेट्री बॉक्स, कॉपी-पेन वितरित किए। महिलाओं को साड़ियां तथा पुरुषों को शर्ट भी प्रदान की गईं।

शिविर में विशेष न्यायाधीश श्री चन्द्रपाल, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अधिनियम) डॉ. विकास श्रीवास्तव, अपर जिला जज श्रीपाल सिंह, सिविल जज (सी.डि.) श्री अंशुमाली पाण्डेय, सिविल जज (जू.डि./त्वरित-1) श्री सुभांशु दास, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय नरैनी श्री आलोक कुमार वर्मा, तहसीलदार नरैनी श्री सतीश कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष कालिंजर श्री दारा सिंह, वरिष्ठ लिपिक श्री रामनरेश, डीईओ श्री राशिद अहमद एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के श्री आदित्य धुरिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुमन शुक्ला ने किया। शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अंत में राजकीय इंटर कॉलेज, कालिंजर के प्रधानाचार्य श्री राम शरण द्विवेदी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

 

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