रक्षा से सुरक्षा तक

 

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

रक्षाबंधन के साथ जुड़े शब्द रक्षा के व्यापक निहितार्थ हैं। यह निहितार्थ रक्षा से सुरक्षा तक विस्तृत हैं।

लोक मान्यता है कि, बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षासूत्र इसलिए बांधती हैं कि भाई किसी भी आपत्ति विपत्ति में उनकी रक्षा करेंगे।
आज के परिदृश्य में भाई हों या बहनें, घर से सबको बाहर निकलना पड़ता है। जीवन यापन, नौकरी, कैरियर, पढ़ाई, हर महत्वाकांक्षा आपको घर से बाहर जीवन समर में यात्रा करने को बाध्य करती ही है।
अब समय है सड़क पर खुद को सुरक्षित रखने और दूसरों को भी सुरक्षित रखने का।

लोकमगंल और भाई बहन के बीच सरस स्नेह के इस पर्व पर मै कहना तो नहीं चाहता, लेकिन यह जान कर आपको दुखद आश्चर्य होगा कि *हमारे प्रदेश में घटने वाली सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें दुपहिया चालकों की होती हैं, और उसका भी मुख्य कारण है हेलमेट न लगाने की प्रवृत्ति। इसी प्रकार चौपहिया वाहनों में सीट बेल्ट न लगाने की प्रवृत्ति भी दुर्घटनाओं में मृत्यु की एक बड़ी वजह है।*
मेरी सभी भाइयों बहनों से विनम्र अपील है कि इस रक्षा बंधन को सुरक्षा बंधन में बांधें।

 

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