*योगी सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से संवर रहा कामगारों का कल*

 अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: -* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पारंपरिक कारीगरों और कामगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के लाखों युवाओं और महिलाओं के जीवन को खुशहाल और स्वावलंबी बनाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ आज गरीब और मेहनती कामगारों के हुनर को नया संबल दे रही है। इस योजना के तहत बांदा जिले के ‘हलवाई’ ट्रेड के आवेदकों के लिए आगामी 25 अगस्त को एक महत्वपूर्ण साक्षात्कार का आयोजन किया गया है। योगी सरकार की इस योजना के तहत पारंपरिक हुनरमंदों को न केवल मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है बल्कि काम को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक और मुफ्त टूलकिट भी बांटी जा रही है। इससे कामगारों का हुनर निखर रहा है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं।

*पारंपरिक कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है योजना*

यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई और मोची जैसे पारंपरिक कारीगरों को बढ़ावा देना है। योजना के जरिए कामगारों को 6 दिनों की मुफ्त व्यावसायिक ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सरकार की ओर से उन्नत किस्म की टूलकिट बिल्कुल मुफ्त दी जाती है। इतना ही नहीं जो कारीगर अपना खुद का रोजगार या छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। उन्हें बैंक के माध्यम से कम ब्याज दर पर लोन भी उपलब्ध कराया जाता है।

बांदा के श्रम विभाग के अधिकारियों ने हलवाई ट्रेड के सभी पंजीकृत आवेदकों से अपील की है कि वे 25 अगस्त को होने वाले साक्षात्कार में समय से भाग लें ताकि योगी सरकार की इस कल्याणकारी योजना का सीधा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें।

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