जालौन। नगर के देव नगर चौराहे से अक्षरा गार्डन तक जाने वाली चुरखी-बाबई रोड की बदहाल स्थिति इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। सड़क की हालत इतनी भयावह है कि चार पहिया वाहनों की बात तो दूर, आम आदमी का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। जगह-जगह गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण ई-रिक्शा आए दिन पलटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में दुर्घटना का भय बना हुआ है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यह मार्ग नगर के शिक्षा क्षेत्र का प्रमुख हब बन चुका है। इसी सड़क पर चार इंटर कॉलेज, तीन-चार डिग्री कॉलेज, छोटे-बड़े कई स्कूल, कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी बदहाल सड़क से होकर अपने विद्यालय और कॉलेज पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की दुर्दशा सीधे तौर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा और आवागमन को प्रभावित कर रही है।
इसी मार्ग पर हाल ही में बनकर तैयार हुआ बस स्टैंड, महान क्लिनिक, एमपी सिंह अस्पताल, फायर स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान और कार्यालय भी स्थित हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत में सुधार न होना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकार की उदासीनता अथवा ठेकेदार की मनमानी के चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण आए दिन जाम, दुर्घटना और आवागमन की समस्या बनी रहती है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी विकराल हो जाती है। विद्यार्थियों, मरीजों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
25 जुलाई को मुख्यमंत्री के जनपद कार्यक्रम को लेकर जहां प्रशासन पूरी तैयारियों में जुटा है, वहीं नगर की यह प्रमुख सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि मुख्यमंत्री के जनपद आगमन से पहले अथवा उनके कार्यक्रम के दौरान क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस बदहाल सड़क पर भी पड़ती है या फिर शिक्षा और आवागमन के इस महत्वपूर्ण मार्ग की दुर्दशा यूं ही बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि देव नगर चौराहे से अक्षरा गार्डन तक सड़क का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराकर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि हजारों लोगों और सैकड़ों छात्र-छात्राओं को आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।
