सिलाई प्रशिक्षण के बाद घर से शुरू किया स्वरोजगार, शुरूआती माह से ही 5 से 6 हजार रुपए की हो रही आय*

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  शिव शर्मा की रिपोर्ट

मोहला । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के ग्राम मोहला निवासी श्रीमती नीलिमा देवांगन ने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
श्रीमती नीलिमा देवांगन ने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई (टेलरिंग) कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई-कढ़ाई से जुड़े व्यावहारिक कौशल, आधुनिक तकनीकों तथा इस कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों और आवश्यक तकनीकी जानकारियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। नीलिमा देवांगन ने बताया कि उन्हें इस प्रशिक्षण की जानकारी अपनी सहेलियों के माध्यम से मिली। इसके बाद उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण किया। प्रशिक्षण के दौरान मिले व्यवहारिक ज्ञान और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने उनमें आत्मविश्वास का संचार किया तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपने घर से ही सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। आज वे महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई कर कार्य के प्रारंभिक माह से लगभग 5 से 6 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इस नियमित आय से वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण सहयोग कर रही हैं। स्वरोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
श्रीमती नीलिमा देवांगन अपनी सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज मोहला एवं जिला प्रशासन को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। यह योजना न केवल युवाओं को हुनर प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होकर बेहतर भविष्य गढ़ने का अवसर भी दे रही है।

 

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