मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जुड़कर हजारों लोग बने आत्मनिर्भर*

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा:।    मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जुड़कर बांदा में हजारों लोग आत्मनिर्भर बने हैं और जनवरी 2025 से शुरू हुई इस योजना का 15 जुलाई तक 2292 लाभार्थियों ने लाभ लिया है और अपने उद्योग व सेवा क्षेत्र को बढ़ाने का काम किया है। वही इस योजना में लोगों की काफी रुचि भी देखने को मिल रही है और लगातार लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए जुड़ रहे हैं। योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक का लोन लाभार्थियों को दिया जाता है। जिसके जरिए लाभार्थी अपना उद्योग या सेवा क्षेत्र शुरू कर सकते हैं। वही सरकार के द्वारा 10% की सब्सिडी भी दी जाती है। वहीं इस योजना की खास बात यह है कि बिना ब्याज व बिना गारंटी के ही 5 लाख रुपये तक का लोन लाभार्थी को दिया जाता है। और इसको 4 साल में लाभार्थी को चुकाना होता है। वहीं जिला उद्योग विभाग के द्वारा लोगों को इस योजना का लाभ मिले इसके प्रति प्रेरित करने का भी काम किया जा रहा है।

*प्रदेश में 10 वर्षों में 10 लाख लोगों को लाभ देने का है लक्ष्य*

दरअसल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान भी कहा जाता है। और सरकार का लक्ष्य है कि 10 वर्षों में इस योजना के जरिए 10 लाख लोगों को लाभ दिया जाए यानी कि प्रत्येक वर्ष एक लाख लाभार्थियों को लाभ देने का सरकार के द्वारा काम किया जा रहा है। जिससे कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 21 से 40 वर्ष के युवा उद्योग या सेवा संबंधी उद्दम स्थापित कर स्वरोजगार युक्त बन सके। जिसके क्रम में 24 जनवरी 2025 से शुरू हुई इस योजना का बांदा में अब तक 2292 लाभार्थियों ने लाभ लिया है। जिसमें 400 महिला लाभार्थी भी शामिल हैं। जिन्होंने अपना उद्योग शुरू किया है या अपने सेवा क्षेत्र को बढ़ाया है।

*लाभार्थियों ने कई और लोगों को दिया रोजगार*

इस योजना से जुड़कर शहर के गायत्री नगर मोहल्ले के रहने वाले गुरु प्रसाद ने जहां कोचिंग सेंटर की शुरुआत की है तो वही सदर तहसील क्षेत्र के बड़ोखर खुर्द गांव की रहने वाली हीरामनि ने क्लाउड किचन खोला है और टिफिन सर्विस के जरिए कमाई कर रही हैं। वहीं अमलोर गांव की रहने वाली मेघा सिंह ने अपना ब्यूटी पार्लर खोला है वही नगनेधी गांव की रहने वाली प्रीति ने आटा चक्की व स्पेलर उद्योग लगाया है। वहीं ऐला गांव के रहने वाले महंतलाल ने माटी कला उद्योग की शुरुआत कर दी है और इन लोगों ने अपने साथ अन्य लोगों को भी जोड़ा है व रोजगार देने का काम किया है। इसी तरह अन्य लाभार्थियों ने भी इस योजना से जुड़कर अपने उद्योग या सेवा क्षेत्र की शुरुवात की है।

*इस योजना में जुड़कर 400 महिलाएं भी बनी स्वरोजगार युक्त*

जिला उद्योग विभाग की उपयुक्त गुरुदेव रावत ने बताया कि यह योजना 24 जनवरी 2025 से शुरू हुई थी और 15 जुलाई 2026 तक 2292 लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ लिया है। जिसमें लगभग 400 महिलाए शामिल है। इन्होंने बताया कि बांदा के लोग इस योजना से लगातार जुड़ रहे हैं और लगातार पंजीकरण करा रहे है।

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