पत्थरबाजी पर लगाम लगाने को कसी कमर, गांव गांव चलेगा जागरूकता अभियान

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। जहां देश की मोदी सरकार जिले रेल सुविधाएं बढ़ाने के साथ साथ कई वीआईपी ट्रेनों के संचालन पर जोर दे रही है, वहीं गावों और कस्बों से फर्राटा भरती ट्रेंनें ग्रामीणों व बच्चों की लापरवाही का शिकार हो जाती हैं। रेल पटरी के किनारे बसे गांवों में खेल खेल में बच्चे ट्रेनों पर पत्थर फेंक देते हैं, जिससे ट्रेनों के कांच टूट जाते हैं और कई बार यात्री चुटहिल हो जाते हैं। ट्रेनों पर पत्थरबाजी पर अंकुश लगाने के लिए अब आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने कमर कस ली है और उन्होंने जागरूकता अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को आरपीएफ थाना परिसर में जिले के प्रमुख समाजसेवियों व प्रबुद्धजनों के साथ अभियान को लेकर चर्चा की और ग्रामीणों को जागरूक करने में सहयोग का आह्वान किया। कहा आपसी समन्वय के साथ ग्रामीणों को जागरूक किया जाय तो पत्थरबाजी पर अंकुश लगाया जा सकता है। आरपीएफ निरीक्षक श्रीमती द्विवेदी ने बताया कि पत्थरबाजी की सर्वाधिक घटनाएं वन्दे भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के साथ होती है। उनका कहना है ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटना से जहां सार्वजनिक संम्पति को नुकसान पहुंचता है, वहीं रेल यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कहा कि आरपीएफ अभियान चलाकर पत्थर फेंकने वालों को जागरूक कर रही है। ग्राम प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ समाजसेवी संकटा प्रसाद त्रिपाठी ने आरपीएफ को जागरूकता अभियान में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। कहा कि रेलवे पटरी के किनारे बसे गांवों में बच्चे खेल खेल में ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, जिन्हे समझाकर रोका जा सकता है। अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश दुबे गुड्डा ने कहा कि ऐसी घटनाओं से यहां भ्रमण करने वाले बाहरी पर्यटकों पर क्षेत्र का गलत प्रभाव पड़ता है। कहा कि ऐसी घटनाएं रोकने के लिए समाज के लोगों को भी आगे आना चाहिए। इस मौके पर यूपी एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के जिलाध्यक्ष सीपी तिवारी, सहकारी क्रय विक्रय समिति के अध्यक्ष डा.धर्मेंद्र त्रिपाठी, सरदार वल्लभ भाई पटेल महाविद्यालय के प्रबंधक अंतरिक्ष सिंह पटेल, वरिष्ठ कांग्रेसी धीरेन्द्र पाण्डेय धीरू, पुलिस निरीक्षक राजकुमार यादव आदि मौजूद रहे।

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