उरई। कोतवाली उरई में दर्ज मारपीट, फायरिंग और हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर आरोपों वाले मुकदमे में बम्हौरी निवासी योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अग्रिम जमानत आवेदन संख्या 4083/2026 पर सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार कर उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
अभियोजन के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को शाम करीब 8 बजे उरई स्थित इंडियन पेट्रोल पंप के पास शताब्दी ट्रैवल्स के समीप मारपीट, फायरिंग और जानलेवा हमले की घटना हुई थी। इस मामले में कोतवाली उरई में योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत सहित अन्य नामजद एवं अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न गंभीर धाराओं, जिनमें हत्या के प्रयास की धारा 307 भी शामिल है, के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तनीषा जहांगीर मुनीर व अधिवक्ता शिवांगी चतुर्वेदी, हिमांशु कुमार एवं अनुपम कुमार शुक्ला ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष विभिन्न कानूनी तथ्यों एवं परिस्थितियों को प्रस्तुत किया, जिस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद योगेन्द्र उर्फ रोबिन राजपूत को मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिल गई है।
