कोंच नगर पालिका का निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जिलाधिकारी के सख्त निर्देश* 

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 सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट

कोंच।    जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आज नगर पालिका परिषद कोंच का निरीक्षण कर नगर की मूलभूत नागरिक सुविधाओं एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, पेयजल आपूर्ति, कर वसूली, एमआरएफ सेंटर, सामुदायिक एवं पिंक शौचालयों के संचालन तथा अभिलेखों के रखरखाव की गहन जांच की गई। समीक्षा में विभिन्न बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कूड़ा प्रबंधन एवं स्टॉक रजिस्टर से संबंधित अभिलेख व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं मिले। वहीं स्ट्रीट लाइट के स्टॉक रजिस्टर में एलईडी लाइटों की खरीद, वितरण, खराब होने तथा वापस प्राप्त होने का समुचित विवरण भी दर्ज नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने व्यवस्थित अभिलेख संधारित करने तथा नगर की सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र ठीक कर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। पिंक टॉयलेट एवं सामुदायिक शौचालय बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक सुविधाओं से किसी प्रकार से बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सुबह, दोपहर एवं शाम नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर शौचालयों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था की समीक्षा में नगर के नौ ट्यूबवेलों के संबंध में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों में विसंगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने कहा कि गलत सूचना देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यदि जल संस्थान स्तर से गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कर वसूली एवं विज्ञापन शुल्क की समीक्षा में प्रगति अपेक्षानुरूप न मिलने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एमआरएफ सेंटर के संचालन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कूड़े का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण किया जाए तथा उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था एवं विशेष सफाई अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पूर्व निर्धारित निरीक्षण विशेष रूप से मानसून की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया है। निरीक्षण में जिन बिंदुओं पर कमियां पाई गई हैं, उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और बेहतर बनाने, सामुदायिक एवं पिंक शौचालयों के नियमित संचालन के लिए जवाबदेही तय करने तथा विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए बोर्ड की बैठक शीघ्र आयोजित कर जनहित से जुड़े प्रस्तावों एवं लंबित टेंडरों का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। नगर की सीवर समस्या को गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इसके स्थायी समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजा जा चुका है तथा डीपीआर तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से जल निकासी की समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे बरसात के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर प्रदीप गुप्ता ,मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप जिलाधकारी हेमन्त पटेल, अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव आदि सभासद सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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