*बांदा के अन्नदाताओं को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, सिंचाई संकट होगा दूर*

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  अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

*बांदा: ।* बुंदेलखंड की सूखी और पथरीली धरती पर खुशहाली लाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बांदा जनपद के किसानों को एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी है। जिले में सालों से उपेक्षित और खराब पड़े सरकारी नलकूपों के कारण सिंचाई के संकट से जूझ रहे यहां के किसानों के लिए अब राहत के दिन आ गए हैं। योगी सरकार ने सूबे के बंद और असफल राजकीय नलकूपों के पुनरुद्धार की महायोजना के तहत बांदा को विशेष प्राथमिकता दी है। पूरे प्रदेश के लिए स्वीकृत 561.20 करोड़ के भारी-भरकम बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे बांदा जनपद के विकास खंडों में जमीन पर उतारा जा रहा है।

*दम तपड चुके नलकूपों का कराया जा रहा है पुनर्निर्माण*

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत बांदा जनपद के बबेरू, नरैनी, तिंदवारी, महुआ और जसपुरा जैसे ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में दम तोड़ चुके राजकीय नलकूपों का पूरी तरह से कायाकल्प किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं। जिसके सुखद परिणाम भी सामने आने लगे हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में लगभग 21 प्रतिशत नलकूपों के पुनर्निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा भी किया जा चुका है और उनसे सिंचाई की कमान भी संभाल ली गई है। वहीं शेष नलकूपों पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

*एक नलकूप के पुनर्निर्माण पर खर्च होते हैं लगभग 30 से 32 लाख रुपये*

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक असफल नलकूप के पुनर्निर्माण, गहरी और नई बोरिंग, अत्याधुनिक मोटर लगाने और सुचारू जल वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने पर औसतन 32 लाख रूपए की राशि खर्च की जा रही है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो किसान अब तक महंगे डीजल और पानी की कमी के चलते अपनी फसलें बर्बाद होते देखने को मजबूर थे। उन्हें अब सीधे सरकारी नलकूपों से भरपूर पानी मिल सकेगा।

*ईको फ्रेंडली और है यह योजना*

योगी सरकार की इस राजकीय नलकूप पुनर्निर्माण योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘ईको-फ्रेंडली’ और आधुनिक होना है। बांदा जनपद की भौगोलिक चुनौतियों और बिजली की आंख-मिचौली को देखते हुए इन नलकूपों को सौर ऊर्जा के माध्यम से हाइब्रिड मोड पर संचालित करने की भी आगे की तैयारी है। इसके साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए खेतों तक अंडरग्राउंड पाइपलाइन और आधुनिक जल वितरण प्रणाली बिछाई जा रही है, जिससे टेल एंड पर स्थित किसान के खेत तक भी निर्बाध रूप से पानी पहुंचेगा।

*नलकूपों के आसपास बड़े पैमाने पर किया जाएगा वृक्षारोपण*

पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए प्रत्येक नलकूप परिसर के आसपास बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर हरित क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि योगी सरकार के इस भगीरथ प्रयास से बांदा में हजारों हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलों की पैदावार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी। लोगों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा बुंदेलखंड को केवल प्यासा छोड़ा और चुनावी वादे किए लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धरातल पर काम करके दिखाया है। इस योजना के पूरी तरह लागू होने से जनपद के हजारों किसान परिवारों की आय दोगुनी होने का मार्ग प्रशस्त होगा और बांदा की धरती एक बार फिर फसलों से लहलहा उठेगी।

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