ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। क्षेत्र में कार्य के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले तहसील क्षेत्र के लेखपाल सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे। लेखपालों का आरोप है कि उनके पहुंचने पर एसडीएम ने अपना चैंबर बंद करा लिया और नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन तहसीलदार को सौंपने का संदेश भिजवा दिया।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार राजपूत ने बताया कि लेखपालों को क्षेत्र में कार्य करने के दौरान अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ‘प्रशासन आपके द्वार’ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के दौरान कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी के आदेश और सहयोग की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है, ताकि कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि कई लेखपालों के पास दो या उससे अधिक हल्कों का अतिरिक्त प्रभार है, जिसके कारण शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण प्रभावित होता है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण के लिए कम से कम 15 दिन का समय निर्धारित किए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य के दौरान लेखपालों के साथ अभद्रता की घटनाएं भी होती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई गई है।
लेखपाल संघ ने यह भी मांग की है कि लेखपाल संवर्ग के पांच कर्मचारियों से राजस्व निरीक्षक का कार्य लिया जा रहा है, जिन्हें उस दायित्व से मुक्त कर पुनः लेखपाल के कार्य में लगाया जाए।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लगभग 15 दिन पूर्व भी तहसीलदार को इसी संबंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण वे सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे थे। एसडीएम से मुलाकात न होने के बाद अब मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी।
इस दौरान पुष्पेंद्र निरंजन, पूजा राजपूत, स्वाति राय, तेज प्रकाश, सिंकी भास्कर, रोहित, मयंक, भूपेंद्र, प्रिया अवस्थी, सुधा अग्रवाल, इंद्रपाल, रंजना, महेंद्र, लक्ष्मी वर्मा, विक्रांत, इंद्रजीत, रामनरेश गुप्ता और पूरन सिंह सहित अन्य लेखपाल उपस्थित रहे।
