अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
*बांदा: -* केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार के विजन से बुंदेलखंड की प्यासी धरती का भाग्य बदलने लगा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत बांदा जिले की जीवनदायिनी केन नदी की केन नहर प्रणाली के पुनरुद्धार का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 1191.51 करोड़ रुपए की इस भारी-भरकम योजना से दशकों पुरानी जर्जर नहरों को नया जीवन मिल रहा है। डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक मुस्तैदी का ही नतीजा है कि रिकॉर्ड समय में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा भी कर लिया गया है। इस तेजी को बनाए रखने के लिए शासन द्वारा 301 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी जिसके सापेक्ष 301 करोड़ रुपए का कार्य पूरा कर लिया गया है।
*पीएम मोदी और सीएम योगी का भगीरथ प्रयास*
बुंदेलखंड को सूखा और पानी के संकट से उबारना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और केन-बेतवा लिंक परियोजना उसी संकल्प का परिणाम है। इस पुनरुद्धार कार्य से केन नहर प्रणाली से जुड़े बांदा के हजारों किसानों के खेतों के तक सीधे पानी पहुंचेगा और टेल पर स्थित खेतों तक पानी न पहुंचने की पुरानी समस्या अब हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
*2028 तक चमकेगा बांदा का किसान*
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नहरों के जीर्णोद्धार, पक्कीकरण और सुदृढ़ीकरण का यह पूरा काम वर्ष 2028 तक मुकम्मल कर लिया जाएगा। योजना पूरी होते ही बांदा जिले के कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। पानी के अभाव में उपज न देने वाली फसलें यहां अब लहलहाएंगी। सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से फसलों की पैदावार बढ़ेगी जिससे स्थानीय किसानों की आय दोगुनी होगी और उनका जीवन स्तर चमकेगा।
*पिछली सरकारों ने इस तरफ नहीं दिया था ध्यान*
दशकों तक बुंदेलखंड को विकास से दूर रखने वाली पिछली सरकारों के विपरीत मोदी व योगी सरकार ने इस परियोजना में पूरी ताकत झोंक दी है। बांदा जिले के लिए 1191.51 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का 35% काम रिकॉर्ड समय में पूरा होना यह साबित करता है कि वर्तमान सरकार केवल वादे नहीं बल्कि धरातल पर काम करती है। बजट की कमी के कारण कभी काम न रुके इसके लिए 301 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है और 301 करोड़ का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
डबल इंजन सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से बांदा की जनता और किसान बेहद उत्साहित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो काम दशकों में नहीं हो सका, उसे मोदी-योगी की जोड़ी ने मुमकिन कर दिखाया है।
