*गौवंशों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही – डीएम*

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विजय द्विवेदी वरिष्ठ पत्रकार

 सनत कुमार बुधौलिया

उरई।          गौवंशों के संरक्षण, सुरक्षा और बेहतर देखभाल को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने डकोर गौशाला का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौवंशों की स्थिति, भूसा एवं हरे चारे की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, छायादार स्थान तथा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में गौवंशों की सुरक्षा और समुचित देखभाल प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद की सभी गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पौष्टिक आहार की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी गौवंश को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि गोवंशों के लिए स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छायादार स्थान और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था निरंतर बनी रहनी चाहिए। जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में संक्रमण और बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, ऐसे में पशु चिकित्सक नियमित रूप से गौशालाओं का भ्रमण कर बीमार पशुओं की जांच एवं उपचार सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि गौवंशों की देखभाल में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने भूसा दान अभियान की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही गौसंरक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। जिलाधिकारी ने आमजन से भी अपील की कि वे आगे आकर गौवंशों के संरक्षण एवं सेवा में सहभागिता निभाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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