शिव शर्मा की रिपोर्ट
मोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने आगामी सुशासन तिहार 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें।
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि जिले में 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान क्लस्टरवार जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों के लिए स्थान चिन्हांकन, आवश्यक व्यवस्थाएं और विस्तृत कार्ययोजना समय से तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें, ताकि इसका सफल क्रियान्वयन हो सके।
बैठक में कलेक्टर ने जनदर्शन एवं मुख्यमंत्री जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मानपुर स्थित नवनिर्मित एकलव्य आवासीय विद्यालय में नए शिक्षा सत्र के लिए विद्यार्थियों की शिफ्टिंग को लेकर विशेष निर्देश दिए। साथ ही विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने हाई रिस्क प्रेगनेंसी, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान, सिकल सेल एनीमिया, कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा आयरन टेबलेट वितरण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग कर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जाएं।
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित उपस्थिति अनिवार्य है। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने विभाग में रिक्त पदों की स्थिति, महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, आभा आईडी एवं बायोमेट्रिक उपस्थिति की जानकारी ली। साथ ही विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की।
