बांदा में योगी सरकार की ODOP योजना का धमाका

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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा i      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना बांदा जिले के लिए वरदान साबित हो रही है। पिछले 9 वर्षों में इस योजना ने न केवल जनपद की सूरत बदली है। बल्कि यहां के जो स्थानीय हुनर हैं उनको भी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बांदा में ODOP के तहत 278.16 लाख रूपए की लागत से कई परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया है।

*24 बेरोजगार बने उद्यमी, 109 लोगों को मिला प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष काम*

योगी सरकार के विजन का ही परिणाम है कि बांदा जिले के 24 बेरोजगार युवा अब खुद की इकाइयां स्थापित कर उद्यमी बन चुके हैं। इन परियोजनाओं के जरिए जिले में रोजगार की नई उड़ान भी देखने को मिली है। जिससे 109 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिला भी है। जिसके चलते स्थानीय स्तर पर पलायन रोकने में भी मदद मिली है। बड़ी बात यह है कि इस योजना का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। जिसके क्रम में अनुसूचित जाति के 2 युवाओं को 7.50 लाख रूपए की परियोजनाओं से जोड़कर इन्हें स्वरोजगार के मुख्य मार्ग पर लाया गया है। सरकार की इस नीति ने वंचित वर्ग के युवाओं के आत्मविश्वास को भी बढाने का काम किया है।

*बांदा के शजर पत्थर की विदेशों में भी पहुंची चमक*

बांदा जिले का गौरव कहे जाने वाले शजर पत्थर की कला को ODOP वित्त पोषण योजना ने नया जीवन दिया है। कभी गुमनामी में खो रही इस कला को अब योगी सरकार के प्रोत्साहन से वैश्विक पहचान मिल रही है। ODOP में शामिल होने के बाद आधुनिक मशीनों और वित्तीय सहायता की बदौलत बांदा का यह स्थानीय हुनर अब दुनिया भर के बाजारों में अपनी धाक जमा रहा है। जिला प्रशासन और योगी सरकार के प्रयासों से बांदा अब केवल पिछड़ेपन के लिए नहीं बल्कि अपनी उद्यमिता और कला के लिए जाना जा रहा है। कहा जाए तो स्थानीय संसाधनों का सही दोहन और युवाओं को उचित मार्गदर्शन देकर सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बांदा की गलियों तक पहुंचा दिया है।

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