स्मृति बैंक के वार्षिक उत्सव पर शास्त्रीय संगीत का महोत्सव सुर संध्या में उस्ताद जोहर अली खान का जलवा

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         मंदसौर /नाहरगढ(तुलसीराम राठौर)– स्मृति नागरिक सहकारी बैंक के वार्षिक उत्सव के अवसर पर आज11 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे सुर संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मंदसौर विश्वविद्यालय के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर स्थित वीसी लॉन (कैंपस-1) में आयोजित होगा। कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत कलाकार उस्ताद जोहर अली खान अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
आयोजकों के अनुसार सुर संध्या केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और विरासत को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस आयोजन के जरिए संगीत प्रेमियों को शास्त्रीय संगीत की गहराई, भावनाओं और आध्यात्मिकता को समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत के साथ समकालीन प्रस्तुतियां भी शामिल रहेंगी, जिससे सभी आयु वर्ग के लोग जुड़ सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है और वे अपनी परंपराओं एवं मूल्यों के प्रति अधिक संवेदनशील बनते हैं। सुर संध्या के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के लिए परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। आकर्षक मंच सज्जा, उच्च गुणवत्ता की ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि आगंतुकों को सुरक्षित और यादगार अनुभव मिल सके।
इस अवसर पर स्मृति बैंक के संस्थापक नरेंद्र नाहटा ने कहा कि बैंक का वार्षिक दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और सामाजिक मूल्यों का प्रतीक है। ऐसे आयोजन उपलब्धियों के मूल्यांकन के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारियों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उस्ताद जोहर अली खान जैसे प्रतिष्ठित कलाकार की प्रस्तुति इस आयोजन को विशेष और यादगार बनाएगी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक, सम्मानित अतिथि तथा शहर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजकों ने सभी संगीत प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भव्य सांस्कृतिक संध्या का हिस्सा बनने की अपील की है। सुर संध्या को शहर के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में एक माना जा रहा है, जो न केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में मेल-जोल, सांस्कृतिक समरसता और एकता का संदेश भी देगा।

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