प्रद्युम्न बुधौलिया की रिपोर्ट
लखनऊ – प्रदेश में स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था की गंभीर त्रुटियों एवं उपभोक्ता समस्याओं के निवारण हेतु ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा तथा महासचिव विवेक शर्मा ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था के क्रियान्वयन में व्याप्त गंभीर तकनीकी एवं प्रशासनिक खामियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए वर्तमान में उपभोक्ताओं को अनेकों समस्याओं का जिक्र किया है।
इस समय पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं के घरों पर बिना उपभोक्ता की सहमति से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और उन्हें बिना किसी सूचना के प्री पेड में बदल दिया जा रहा है। प्री पेड मीटर लगने के पश्चात उपभोक्ताओं के बिलों में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो मीटर की सटीकता पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध भी करते हैं परन्तु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्री पेड मीटर रिचार्ज करने या पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद सॉफ्टवेयर की खराबी के कारण बिजली कट जाती है तथा तत्काल बहाल नहीं हो रही है, जिससे जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस सम्बन्ध में ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा एवं महासचिव विवेक शर्मा जनता को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र व राज्य सरकार से स्मार्ट मीटर सॉफ्टवेयर और बिलिंग प्रणाली की किसी निष्पक्ष थर्ड-पार्टी एजेंसी से पारदर्शी तकनीकी जाँच कराने, उपभोक्ताओं के घरों पर स्मार्ट प्री पेड मीटर लगने के पूर्व उपभोक्ताओं की सहमति आवश्यक करने, प्री पेड उपभोक्ता द्वारा भुगतान के बाद यदि निर्धारित समय में बिजली चालू नहीं होती, तो संबंधित डिस्कॉम पर दंडात्मक कार्रवाई और पीड़ित उपभोक्ता को क्षतिपूर्ति देने की मांग के साथ प्रदेश में स्मार्ट मीटर को प्री पेड में बदलने की प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जिला स्तर पर विशेष ‘स्मार्ट मीटर कंट्रोल रूम’ स्थापित करने की भी मांग की है।
इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा तथा उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल को भी पत्र भेजा गया है।
