प्रकृति का क्रूर प्रहार: फसल बर्बादी के सदमे से किसान की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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सोनू करबरिया की रिपोर्ट

नरैनी (मोतियारी),     जनपद के ग्राम मोतियारी में शनिवार की सुबह एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां भारी बारिश से फसल बर्बाद होने के सदमे ने एक मेहनतकश किसान की जान ले ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम निवासी उद्र प्रताप (50 वर्ष) शनिवार तड़के करीब 5 बजे अपने खेत की स्थिति देखने गए थे। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने उनकी पूरी फसल को नष्ट कर दिया था, जिससे वे गहरे सदमे में आ गए।
खेत से घर लौटने के बाद उन्होंने परिजनों से छाती में तेज दर्द होने की शिकायत की और बाथरूम चले गए। कुछ ही देर बाद वे अचेत अवस्था में पाए गए। परिजन तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नरैनी लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद घटना ने न केवल मृतक के परिवार, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
मृतक उद्र प्रताप बटाई पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और परिवार के मुख्य सहारा थे। हाल ही में मई 2025 में उन्होंने अपनी बड़ी पुत्री पूनम का विवाह किया था, जिसका कर्ज अभी भी उन पर था।
अपने पीछे वे पत्नी केति, दो पुत्र—दीपक (15 वर्ष), अर्जुन (9 वर्ष) तथा दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पांच भाइयों में वे तीसरे स्थान पर थे और परिवार की जिम्मेदारियों का मुख्य भार उन्हीं पर था।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
इस घटना के बाद ग्राम मोतियारी में गहरा शोक व्याप्त है। एक ओर जहां कुदरत की मार ने किसान की फसल को बर्बाद कर दिया, वहीं उसी सदमे ने परिवार का सहारा भी छीन लिया। गांव में हर आंख नम है और इस असहनीय पीड़ा पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

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