सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी। कालिंजर महोत्सव के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का विशेष प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय तेरा ‘ब’ के सुगमकर्ता विनय प्रताप सिंह ने ऑयस्टर मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बीज चयन, सब्सट्रेट की तैयारी, बैग भराई की विधि, उचित देखभाल तथा विपणन की रणनीतियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के प्रभावी तरीकों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्राथमिक विद्यालय उसरापुरवा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक दीपक सिंह ने विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और कम मेहनत में भी छात्र अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं। यदि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ इस प्रकार के लघु उद्यम अपनाते हैं, तो वे भविष्य में आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग की यह पहल न केवल विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें रोजगार के नए अवसरों से भी जोड़ रही है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में आत्मविश्वास और उद्यमिता की भावना विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
