परिवहन विभाग में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर योगी सरकार ने बनाया उन्हें आत्मनिर्भर*

 

 

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

 

बादा:  ll     – उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर योगी सरकार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन के क्षेत्र में महिलाओं को अवसर देकर सरकार ने लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देने का काम किया है और सरकार की यह पहल महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुई है। चित्रकूट मंडल के सभी डिपो में लगभग 350 महिला परिचारकों के कंधे पर रोजाना हजारों यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। वहीं अपनी जिम्मेदारी को महिला परिचालन ईमानदारी व निष्ठापूर्वक तरीके से निभा रही हैं।

रोजगारपरक होकर महिला परिचालक बनी आत्मनिर्भर

चित्रकूट मंडल के बांदा डिपो में जहां 111 महिला परिचालक पुरुष प्रधान माने जाने वाले इस चुनौती पूर्ण कार्य को सहजता से कर रही हैं तो वही हमीरपुर डिपो में 32, राठ डिपों में 86, चित्रकूट डिपो में 28 व महोबा डिपो में 77 महिला परिचालक हैं। सभी महिला परिचालक रोजगारपरक होकर आत्मनिर्भर बनी हैं। यह महिला चालक देश की राजधानी दिल्ली से लेकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक आने जाने वाली बसों में सेवाएं दे रही हैं।

रोजगार मेलों के जरिए महिला परिचालकों किया गया भर्ती

चित्रकूट मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि महिला परिचालकों को रोजगार मेले के जरिए परिचालक के पदों पर भर्ती किया गया था। जिसके बाद महिला परिचालक रोजगार परक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनी है। वहीं इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सहाजता से कर रही है। इन्होंने बताया कि यात्रियों के साथ व्यवहार कठिन होता है जिसको यह लोग बखूबी निभा रही हैं। इन्होंने बताया की बड़े रूटों के साथ-साथ अधिकांशतः ग्रामीण क्षेत्र में दिन के समय ज्यादातर महिला परिचालक बसों का संचालन करती हैं।

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