पोषण योजनाओं के अनुश्रवण में लायें तेजी लाभार्थी से संवाद कर लक्ष्य पूर्ति के निर्देश*

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राघवेन्द्र शर्मा उरई (जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति/कन्वर्जेन्स विभाग की समीक्षा बैठक कर बाल विकास एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण लाभ सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पोषण ट्रैकर पर फीडिंग, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, एनआरसी में बच्चों का संदर्भन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, मिशन कर्मयोगी तथा आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।
पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों के फेस कैप्चरिंग एवं ई-केवाईसी में खराब प्रगति पाए जाने पर सीडीपीओ माधौगढ़ एवं कुठौंद को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जबकि फेस कैप्चरिंग के माध्यम से पोषाहार वितरण में लापरवाही पर सीडीपीओ कुठौंद व कदौरा को चेतावनी दी गई।
जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ व सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि समस्त पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अनियमितता के पोषाहार प्राप्त हो। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम पाए जाने पर प्रत्येक सप्ताह मॉनिटरिंग करने तथा 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत आवेदन कराने के निर्देश दिए गए। एनआरसी में दिसंबर 2025 में मात्र 09 बच्चों के भर्ती होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक परियोजना से कम से कम 02-02 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया जाए।
साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला व ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों को 26 जनवरी को प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, जिला विकास अधिकारी निशांत पांडेय, जिला पंचायती राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद अवस्थी सहित समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, लिपिक एवं जिला/ब्लॉक कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे।

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