राघवेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई (जालौन)। जिले के आटा थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब खेतों के बीच से गुजर रही 400 केवी हाईटेंशन लाइन का एक विशाल टॉवर अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि उस वक्त न तो आंधी थी, न बारिश और न ही तेज हवा, फिर भी कई टन वजनी टॉवर धराशायी हो गया।
टॉवर गिरते ही उससे जुड़े हाईटेंशन तार नीचे आ गिरे और उनके भारी दबाव से आटा विद्युत उपकेंद्र से अकोढ़ी मार्ग तक लगे आठ बिजली के खंभे एक के बाद एक टूट गए। सड़क पर तारों और टूटे पोलों का जाल बिछ गया, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
इस हादसे से अकोढ़ी, तगारेपुर और पांडेयपुर गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। नलकूपों की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त कोई राहगीर या वाहन मौके पर नहीं था, वरना बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था।
अब सबसे बड़ा सवाल निर्माण की गुणवत्ता और टॉवर लगाने वाली कंपनी की जिम्मेदारी को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोग जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बिजली विभाग ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सुरक्षित किया और आपूर्ति बहाल करने का काम शुरू कराया है।
