शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद का 26वां राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन राजस्थान की राजधानी जयपुर में गरिमामय एवं भव्य वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अधिवेशन में देश के सभी राज्यों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने सहभागिता की। छत्तीसगढ़ से भी राजनांदगांव सहित प्रदेश के सभी जिलों के पूर्व सैनिकों एवं मातृ शक्ति ने सक्रिय रूप से भाग लेकर संगठन की एकता और मजबूती का परिचय दिया।
अधिवेशन के मुख्य अतिथि राजस्थान के माननीय राज्यपाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (PVSM, AVSM, SM) ने की। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक देश की सबसे अनुशासित और समर्पित शक्ति हैं, जिन्होंने अपने जीवन का सर्वोत्तम समय राष्ट्र की सेवा में समर्पित किया है। उन्होंने पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन देते हुए कहा कि संगठन सरकार और प्रशासन के समक्ष पूर्व सैनिकों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा।
अधिवेशन के दौरान पूर्व सैनिकों से जुड़ी पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं, पुनर्वास, रोजगार, सामाजिक सम्मान, और उनके परिवारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और सुझाव रखे, जिन पर राष्ट्रीय स्तर पर समाधान की रणनीति बनाने पर सहमति बनी।
इस राष्ट्रीय अधिवेशन में राजनांदगांव से अशोक झा, गुमान दास साहू, बसंत रावटे, पियूष साव, भुनेश्वरी साव, चम्पा रावटे, ठगिया बाई सहित अनेक पदाधिकारी और मातृ शक्ति प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से आए पूर्व सैनिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे प्रदेश की मजबूत भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण करते हुए देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए निरंतर समर्पण का संकल्प भी लिया गया। अधिवेशन का समापन राष्ट्रगान और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
