राघवेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई (जालौन)। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला उमरारखेड़ा में नानी के घर रह रहे 12वीं के छात्र ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।
कानपुर नगर के कैनाल रोड निवासी प्रमोद धानुकर का 18 वर्षीय पुत्र अग्रिम धानुकर अपनी मां प्रीती धानुकर के साथ उरई में नानी ऊषा रानी के घर रह रहा था। वह नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। बताया गया कि अग्रिम प्री-बोर्ड परीक्षा देकर घर लौटा था। परिजनों के अनुसार, घटना के समय उसकी मां और नानी बाजार खरीदारी करने गई थीं। शाम को जब दोनों घर लौटीं तो अग्रिम के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक प्रतिक्रिया न मिलने पर नानी ने दरवाजे के ऊपर बनी खिड़की से झांककर देखा, जहां अग्रिम फंदे पर लटका हुआ दिखाई दिया। यह देख मां और नानी चीख-पुकार करने लगीं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना छात्र के पिता प्रमोद धानुकर को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की। हालांकि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव को कानपुर नगर स्थित अपने आवास ले गए। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद ने बताया कि घटना की जानकारी मिली थी, लेकिन परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।
