नवीन डामरीकृत सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल, रेत-लाल मिट्टी से ढकी जा रही ठेकेदार की लापरवाही

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शिव शर्मा की रिपोर्ट

राजनांदगांव।       नेशनल हाइवे अंतर्गत ग्राम खुटेरी से भर्रेगांव, मोखला, आरला होते हुए सुरगी पहुंच मार्ग पर बने नवीन डामरीकृत सड़क की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। सड़क निर्माण में घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने ठेकेदार एवं संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। ठेकेदार द्वारा अपनी खामियों को छिपाने के लिए नई बनी पक्की सड़क पर रेत और लाल मिट्टी डालकर अस्थायी मरम्मत की जा रही है, जो लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार इस लगभग 11 किलोमीटर लंबी सड़क का पूर्ण डामरीकरण बीते गर्मी के मौसम में किया गया था। वर्षों से जर्जर अवस्था में रही इस सड़क के नवनिर्माण से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़क की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। पहली ही बारिश में जगह-जगह डामर उखड़ गया, गड्ढे बन गए और सड़क कुछ ही दिनों में खस्ताहाल हो गई।
स्थिति यह है कि सड़क निर्माण पूर्ण होने के बाद से अब तक लगातार मरम्मत कार्य ही किया जा रहा है। कहीं डामर उखड़ चुका है तो कहीं गड्ढों में पानी भरने से आवागमन खतरे से खाली नहीं है। वर्तमान में ठेकेदार द्वारा सड़क पर रेत और लाल डस्ट मिट्टी डालकर गड्ढों को भरने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे निर्माण की खामियां अस्थायी रूप से ढकी जा सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यह मरम्मत केवल दिखावे की है, जो कुछ ही दिनों में फिर से उखड़ जाती है।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का आरोप है कि नई सड़क बनने के बाद से उन्हें राहत मिलने के बजाय पहले से अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी वाहनों के गुजरते ही रेत और मिट्टी उड़ने लगती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बरसात में यह मिट्टी फिसलन का कारण बन रही है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को विशेष कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नवनिर्माण कार्य बड़ी मुश्किल से स्वीकृत हुआ था, लेकिन गुणवत्ता से समझौता कर इसे पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। निर्माण के समय प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता और मानकों की जांच नहीं की गई, जिसका परिणाम अब जनता भुगत रही है।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा सड़क का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

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