सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट।
उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले की बबेरू तहसील अंतर्गत मुरवल गांव में स्थित गाटा संख्या 504 के सरकारी तालाब पर अवैध कब्ज़े और प्रदूषण का गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी विनोद सिंह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने तालाब की ज़मीन पर पक्के मकान बनाकर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया है। शिकायत के अनुसार तालाब के दक्षिणी किनारे पर गजराज, हरि, रामसरन, श्यामदेव, रामकुमार, शिवकुमार, श्रीराम और मुनुआ द्वारा पक्के मकान बनाए गए हैं। आरोप है कि इन मकानों से निकलने वाला सारा गंदा पानी सीधे तालाब में प्रवाहित किया जा रहा है, जिससे तालाब का पानी अत्यधिक दूषित हो रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि का विरोध किया तो संबंधित लोग हाथापाई पर उतारू हो गए। वहीं स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान की आरोपियों से मिलीभगत और सांठगांठ के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने ज़िला प्रशासन और राजस्व विभाग से मांग की है कि तत्काल मौके पर सर्वे (नाप) कराकर अवैध निर्माण हटवाए जाएं और सरकारी तालाब की ज़मीन को कब्ज़ा मुक्त कराया जाए, ताकि तालाब का संरक्षण और सुंदरीकरण हो सके। हालांकि इस मामले में स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं जब संबंधित लेखपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे संज्ञान में लेकर मौके पर जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।
