मध्यरात्रि अग्निकांड से चार गांवों के खलिहान राख, सवा सौ बीघा धान की फसल जलकर नष्ट

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रिपोर्ट सोनू करवरिया

नरैनी/अतर्रा (बांदा)।
नरैनी तहसील क्षेत्र में मध्यरात्रि अचानक लगी भीषण आग ने किसानों की महीनों की मेहनत को पलभर में राख में बदल दिया। देवरार, पहाड़पुर तरखरी, अमृतपुर खेरवा एवं गोखिया गांवों के खलिहानों में आग लगने से लगभग आधा सैकड़ा किसानों की सवा सौ बीघा से अधिक धान की फसल जलकर खाक हो गई। इस हादसे से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पीड़ित किसानों का रो-रोकर बुरा हाल है।

आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसान पानी और अन्य संसाधन जुटाने का प्रयास करते रहे, लेकिन देखते ही देखते खलिहानों में रखी पूरी फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार डॉ. आशीष शुक्ला, राजस्व निरीक्षक जयप्रकाश द्विवेदी तथा क्षेत्रीय लेखपाल लाल मानसिंह, आशीष सिंह व नागेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर हुए नुकसान का स्थलीय सत्यापन किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार देवरार गांव में 12 किसानों की लगभग 10 बीघा, पहाड़पुर तरखरी गांव के किसानों की पहाड़पुर रकबा स्थित खलिहान में रखी 7 किसानों की करीब 40 बीघा, गोखिया गांव में 18 किसानों की लगभग 40 बीघा तथा अमृतपुर खेरवा गांव में 6 किसानों की लगभग 30 बीघा धान की फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। अधिकतर खेत बटाई पर लेकर फसल उगाने वाले किसानों के थे, जिन्होंने कड़ी मेहनत व लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन नियमानुसार बटाईदार किसानों के लिए सरकारी क्षतिपूर्ति की व्यवस्था न होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।

पीड़ित किसानों में रामखेलावन पुत्र गोपाल, मुन्नी, देवी, राजा भैया, चुन्नू, राम बहोरी, देवीदीन, प्रेम बाबू, राजकुमार, राम विशाल, विजय, भैया राम, दुर्गेश, दीनदयाल, विपिन, नवीन, रमाशंकर, शिवशंकर, विजय सिंह, रामशरण, रामदयाल, रामबाई, महेश प्रसाद, आशीष सहित अन्य किसान शामिल हैं। अमृतपुर खेरवा गांव में रामदत्त सहित छह किसानों की फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।

पीड़ितों को शीघ्र मिलेगी सहायता राशि : उपजिलाधिकारी
नरैनी उपजिलाधिकारी अमित शुक्ला ने बताया कि दैवीय आपदा के अंतर्गत कृषि निवेश अनुदान योजना के तहत सिंचित भूमि पर प्रति हेक्टेयर ₹17,000 की सहायता राशि देय है। क्षति का आकलन पूर्ण कर शीघ्र ही पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अलग से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

किसानों ने आग लगने की घटना को संदिग्ध बताते हुए जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका भी जताई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।

 

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