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दीनदयाल साहू की रिपोर्ट
रायपुर। लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 23 से 29 नवम्बर तक आयोजित 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी में भाग लेने छत्तीसगढ़ का दल भारी अव्यवस्था के बीच रवाना हुआ।
सूत्रो से ज्ञात हुआ है कि अव्यवस्था इतनी अधिक थी कि कुछ बच्चे ट्रेन में चड़ने नहीं पाए और वह बच्चे छूट ही गये जिन्हें बाद में स्टाफ् के साथ भेजा गया,आधा घंटा ट्रेन रूकने के बाद भी बच्चों जंबुरी यात्रा से वंचित रह जाना घोर लापरवाही को दर्शाता है।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 23 से 29 नवम्बर तक है। जम्बूरी में देश और विदेश से स्काउट्स, गाइड्स तथा स्काउट गाइड के शिक्षक सम्मिलित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का साढ़े तीन सौ की संख्या वाला दल 21 नवम्बर को गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन से लखनऊ के लिए रवाना हुआ। राज्यभर से आए प्रतिभागी पूर्व तैयारी के लिए झांकी, अभनपूर स्थित राज्य प्रशिक्षण केन्द्र में 18 नवम्बर से एकत्र हुए थे। बताया गया है कि भारी अव्यवस्था के बीच छत्तीसगढ़ के स्काउट्स गाइड्स जम्बूरी के लिए निकले हैं। गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन रायपुर से लखनऊ के लिए दोपहर 12.05 बजे रवाना होती है। हालात यह थे कि जम्बूरी के आधे प्रतिभागी ही समय पर स्टेशन पहुंच सके थे। ट्रेन के स्टेशन पर आ जाने के बाद भी आधे प्रतिभागी नहीं पहुंच सके थे। स्टेशन मास्टर से निवेदन कर ट्रेन को आधे के लिए स्टेशन पर ही रूकवाया गया। तब कहीं जाकर शेष प्रतिभागी ट्रेन में सवार हो सके। इस बीच कई बार चेन पुलिंग भी करनी पड़ी। इससे नाराज होकर कुछेक प्रतिभागियों को आरपीएफ वालां ने पकड़ा और उन्हें स्टेशन पर रोक लिया। इससे वे जम्बूरी के लिए उसी दिन निर्धारित ट्रेन से रवाना नहीं हो सके उन्हे दूसरे दिन भेजा गया। बताया गया है कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य सचिव जितेन्द्र कुमार साहू द्वारा राज्य प्रशिक्षण केन्द्र से प्रतिभागियों को स्टेशन तक लाने के लिए समय पर बस की व्यवस्था नहीं की गई थी। चंद पैसे बचाने के लिए शुक्रवार की सुबह ही रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी पर दबाव बनाकर स्कूल बसों की व्यवस्था करने कहा गया। जबकि प्रत्येक प्रतिभागियों से सात- सात हजार रुपए का शुल्क लिया गया है। बताया गया है कि जम्बूरी के तैयारी शिविर में भी प्रतिभागियों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा है।
