*गौशाला संचालक की घोर लापरवाही से भूख एवं प्यास से तड़प रहे गौवंश–*
बांदा- प्रदेश के तेज तर्रार, गौ प्रेमी माननीय मुख्यमंत्री के शासनकाल में बांदा जनपद की गौशाला का बहुत ही हृदयविदारक मामला जहाँ गोवंशों को गौशाला में बंद तो कर दिया गया पर उनको कई दिनों से भोजन के साथ साथ नहीं मिला पीने को पानी यहाँ पर पानी की टंकी पूर्ण रूप से खाली तथा खाने वाली चरही पर सड़ा हुआ भूसा और गोबर मिला
यह घटना बांदा जनपद की बबेरू ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत टोलाकला में संचालित गौशाला की है यहां पर आज विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा के जिलाध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति अपनी टीम के साथ पहुंचे और देखा कि गोवंश भूख एवं प्यास के कारण अत्याधिक कुपोषण के शिकार हो रहे हैं गोवंशों को ना तो पर्याप्त रूप से भोजन दिया जा रहा और ना ही स्वच्छ पानी जिससे गोवंश बेहद कमजोर हो गये हैं जबकि आने वाले समय पर ठंड का मौसम भी नजदीक है जिसके कारण ठंड की चपेट में आने के कारण गोवंशों की मौत भी अधिक संख्या में हो सकती है
उन्होंने बताया की यहां पर दो गोवंश बीमार मिले जिसमें एक गोवंश अत्यंत गंभीर अवस्था में घायल भी है!
आगे जिला अध्यक्ष महेश कुमार प्रजापति ने बताया कि लगातार गोवंशों के भोजन की व्यवस्था को लेकर चर्चा की जा रही हैं लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ आखिरकार जिले के जिम्मेदारी इस पर कब कार्रवाई करेंगे और कब सुधार होगा यह एक सोचने का विषय है!
यहां पर गौर करने वाली बात रह भी है की गोवंशों की संख्या लगभग 150 थी जबकि यहाँ पर गोवंशों की संख्या 307 अगस्त माह में दिखाई गई है और यहां पर गोवंशों की संख्या उससे आधी मिली जोकि सोचने का विषय है कि आखिरकार इतनी संख्या गोवंशों की क्यों बढ़ाई जा रही है और अगर गौ वंशों की वाकई 307 थी तो फिर इस गौशाला से गोवंश आखिरकार कहां गायब हो रहे हैं बड़ा सोचनीय विषय है!
