सुनील सक्सेना की रिपोर्ट
चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा के आयुक्त श्री अजीत कुमार ने चित्रकूट के विकासखण्ड कर्वी में विभिन्न विभागीय व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, शिवरामपुर, सहकारी खाद केंद्र, शिवरामपुर, एवं प्राथमिक विद्यालय, शिवरामपुर का स्थलीय अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवरामपुर में सभी चिकित्सक उपस्थित पाए गए। आयुक्त ने वार्डों में भर्ती मरीजों से संवाद कर उपचार व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की, जिस पर मरीजों ने संतोष व्यक्त किया। अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, मरीज पंजीकरण, ब्लड परीक्षण, एक्स-रे सेवा एवं सीसीटीवी प्रणाली की स्थिति संतोषजनक पाई गई।
हालाँकि, केंद्र में पेयजल व शौचालय व्यवस्था अक्रियाशील पाई गई, जिस पर आयुक्त ने चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
आयुक्त श्री कुमार ने यह भी निर्देशित किया कि—
वीएचएनडी कैम्पों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
समस्त चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ समय से उपस्थित रहें।
मरीजों को बाहर की दवाएँ न लिखी जाएँ।
एक्स-रे मशीन सदैव क्रियाशील रखी जाए।
किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से रिफर न किया जाए।
बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण समय से हो।
अस्पताल परिसर में नियमित स्वच्छता व पेयजल की व्यवस्था बनी रहे।
इसके उपरांत आयुक्त ने बी पैक्स सहकारी खाद केंद्र, शिवरामपुर का निरीक्षण किया, जहाँ केंद्र के बाहर लगभग 20 किसान लाइन में प्रतीक्षारत पाए गए।
केंद्र प्रभारी श्री जगन्नाथ ने बताया कि केंद्र पर 200 बैग खाद उपलब्ध है, किंतु उनके पास दो अन्य केंद्रों का अतिरिक्त प्रभार भी है, जिसके कारण सभी स्थानों पर एक साथ उपस्थिति संभव नहीं हो पाती।
आयुक्त ने इस पर सहायक निबंधक, सहकारिता, चित्रकूट को निर्देशित किया कि केंद्र को नियमित व सुचारू रूप से संचालित कराया जाए, जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयुक्त ने तत्पश्चात प्राथमिक विद्यालय, शिवरामपुर का निरीक्षण किया, जहाँ सभी अध्यापक उपस्थित पाए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि—
अध्यापक समय पर विद्यालय में उपस्थित रहें।
बच्चों के पठन-पाठन कार्य को सुदृढ़ व सुव्यवस्थित बनाया जाए।
मिड-डे मील का भोजन रोस्टर के अनुसार ताजा व पौष्टिक रूप से तैयार किया जाए।
विद्यालय में नियमित पेयजल व स्वच्छता बनी रहे।
पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय दिया जाए।
प्रत्येक माह बच्चों के अभिभावकों से शिक्षा की गुणवत्ता पर फीडबैक प्राप्त किया जाए।
आयुक्त श्री अजीत कुमार का यह औचक निरीक्षण शासन की उस मंशा का प्रतीक है जिसके तहत जनता को मूलभूत सेवाओं की गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्रत्येक योजना व सेवा का लाभ जन-जन तक समयबद्ध व पारदर्शी ढंग से पहुँचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा जनहित, स्वच्छ प्रशासन और सेवा भावना पर आधारित है। अतः प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी को कर्तव्यनिष्ठा और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि नागरिकों का विश्वास शासन प्रणाली पर और सुदृढ़ हो।
