राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन के बाद हुई सुनवाई

राज्य

 

सनत कुमार बुधौलिया के  साथ हरिश्चंद्र तिवारी लौना ब देवेंद्र पाठक 
उरई ।          आज प्रातःकाल 10ः00 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश श्री अचल सचदेव द्वारा फीता काटने के उपरान्त मां सरस्वती पर माल्यार्पण करके दीप प्रज्ज्वलित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन किया गया। जनपद की सभी तहसीलों मे स्थित दीवानी न्यायालयों में भी उक्त आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश के अलावा स्थायी लोकअदालत के पीठासीन अधिकारी श्री राजवर्धन गुप्ता व समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपसिथत रहें।
राष्ट्रीय लोकअदालत में निस्तारित वादों की जानकारी देते हुए सचिव/अपर जिला जज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राजीव सरन द्वारा बताया गया कि आज माननीय जनपद न्यायाधीश श्री अचल सचदेव के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय जिला जज द्वारा 58 मुकदमों का निस्तारण किया गया एवं मु0 17335472/- रू0 धनराशि पक्षकारों को दिलायी गयी। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि आज लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री मनोज कुमार सिंह गौतम द्वारा 36 मुकदमों का निस्तारण करते हुये भरण पोषण के मामलें निस्तारित किये। इनके द्वारा 6 वैवाहिक मामले प्रीलिटिगेशन स्तर के भी निपटाये गये। अपर कुटुम्ब न्यायाधीश श्रीमती अमृता शुक्ला द्वारा 47 मुकदमों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री अनिल कुमार वशिष्ठ द्वारा 78 मामलों में विपक्षी बीमा कम्पनियों से पीड़ित याचीगण को 16200000/-रू धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलायी गयी। इसी क्रम में स्थायी लोक अदालत (पी0यू0एस0) के अध्यक्ष श्री राजवर्धन गुप्ता द्वारा भी 06 मुकदमा में पक्षकारों के मध्य सुलह कराते हुये उन्हें विवाद से राहत प्रदान की गयी। अपर जिला जज-प्रथम श्री शिवकुमार द्वितीय द्वारा 01, विशेष न्यायाधीश (एस0सी0/एस0टी0 एक्ट) श्री प्रमोद कुमार गुप्ता द्वारा 11, विशेष न्यायाधीश (द0प्र0क्षे0) डॉ0 अवनीश कुमार द्वारा 02, विशेष न्यायाधीश (ई0सी0 एक्ट) श्रीमती पारुल पनवार द्वारा विशेष प्रयास करते हुये विद्युत अधिनियम के 140 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे द्वारा कुल 2669 आपराधिक वादों का निस्‍तारण किया गया। सिविल जज सी0डि0 श्री अर्पित सिंह द्वारा दीवानी के 11 फौजदारी के 27, सिविल वादो में पक्षकारों के मध्य सुलह समझौता कराया गया।
सिविल जज सी0डि0/एफ0टी0सी0 श्रीमती अनुकृति सन्त द्वारा फौजदारी के 53 दीवानी के 02, सिविल जज जू0डि0 उरई श्रीमती प्रियंका सरन द्वारा फौजदारी के 102 व 06 दीवानी के वाद एवं वाह्य न्यायालय कोंच के न्यायिक अधिकारी सुश्री उमैमा शहनवाज द्वारा फौजदारी के 193, अपर सिविल जज (जू0डि0) कोंच श्री मोहित निर्वाल द्वारा 01 दीवानी प्रकृति एवं फौजदारी प्रकृति के 407, सिविल जज जू0डि0 जालौन श्री जावेद खान द्वारा कुल 556 फौजदारी व दीवानी के 08 वाद, अपर सिविल जज जू0डि0 जालौन श्रीमती वन्दना सिंह के द्वारा दीवानी के 02 एवं फौजदारी के 138 और कालपी दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारी सुश्री इशिता सिंह द्वारा दीवानी के 06 एवं फौजदारी के 614, न्यायालय सिविल जज (जू0डि0)/एफ0टी0सी0/सी0ए0डब्ल्यू0 सुश्री निकिता सिंह द्वारा 15 एवं विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय उरई श्री राजा सिंह द्वारा फौजदारी के 22 मामलों का निस्तारण करते हुये विभिन्न न्यायालयों द्वारा 153730/-रू0 कोष में जमा कराये।
आज राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले की विभिन्न बैंकों के बकाया ऋण के 567 मामलों में समझौता कराया गया।
इनके अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट सहित सभी उप जिला मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट और तहसीलदार न्यायालयों द्वारा राजस्व संहिता और फौजदारी के कुल 2437 मामलों सहित विभिन्न विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकृति के 171768 मामले निस्तारित किये गये। इस प्रकार जिला प्रशासन एवं न्यायालयों में लगभग एक लाख अस्सी हजार मामलों को आज निस्तारित करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

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