सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित पात्र नागरिकों को पंजीकरण का अवसर देने और आगामी पुनरीक्षण कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि 17 और 24 अक्टूबर को जनपद के प्रत्येक मतदेय स्थल पर विशेष कैम्प अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएं। कैम्पों के आयोजन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और पात्र नागरिकों को मतदाता बनने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष कैम्पों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रातः 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक उपस्थित रहेंगे। जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फार्म-6 भरकर पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ नवीनतम फोटो तथा जन्मतिथि और पते से संबंधित आवश्यक दस्तावेज देने होंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क स्थापित कर नागरिकों को आवेदन भरने में सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैम्पों की जानकारी गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक इस अवसर से वंचित न रहे।
बैठक में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी पर भी चर्चा की गई। एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर होने वाले पुनरीक्षण के तहत मतदेय स्थलों का संभाजन एवं पुनर्गठन 2 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 12 नवंबर को होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रत्येक समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभियान की नियमित निगरानी करें। अधिकारी बूथों का निरीक्षण कर बीएलओ की उपस्थिति, कैम्प की व्यवस्थाओं और प्राप्त आवेदनों के अभिलेखीकरण की जांच करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा प्राप्त फार्मों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखरखाव किया जाए।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी पुनरीक्षण कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करने और पात्र नागरिकों को जागरूक करने की अपील की। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से कहा कि वे 17 एवं 24 अक्टूबर को अपने मतदेय स्थल पर पहुंचकर मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि नाम दर्ज नहीं है और वे निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, तो फार्म-6 भरकर पंजीकरण के लिए आवेदन करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी उरई उत्तम कुमार तिवारी, भारतीय जनता पार्टी से शांति स्वरूप, समाजवादी पार्टी से जमालुद्दीन, बहुजन समाज पार्टी से भगवती शरण पांचाल, अपना दल एस से अनिल कुदारी, सीपीआईएम से विनोद कुमार नगरिया आदि सहित अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।