( शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव – शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से छ.ग. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से यह मांग की है, कि जिस छ.ग. राज्य की स्थापना देश के यसस्वी प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपयी जी ने १ नवम्बर २००० को अलग राज्य का दर्जा देकर छ.ग. के निवासियों और यहां के किसान भाईयों और तामम बड़े उद्योग, राईस मिल, फैक्टरी आदि के संपूर्ण संसाधनों से भरपुर देश का सरप्लस बिजली वाला छ.ग. राज्य के प्रथम कांग्रेस के मुख्यमंत्री स्व. श्री अजीत जोगी जी के ३ वर्ष के शासनकाल में छ.ग. राज्य की बिजली,पानी, धान, खनिज सम्पदा और सबसे बड़ा कोरबा बिजली प्लांट आदि की ऐसी व्यवस्था की गई थी। कि छ.ग. सरप्लस बिजली वाला राज्य दूसरे राज्यो को हम बिजली बेच रहे थे। वही ५ वर्ष कांग्रेस के भूपेश बघेल जी के शासन में छ.ग. के आम जनता को ४०० युनिट बिजली फ्री के साथ तमाम छ.ग. राज्य के उद्योग, राईस मिल, फैक्ट्री और किसानो को बिजली मोटर आदि की खेती के लिए समुचित बिजली देने एवं आम जनता और समस्त छोटे-बड़े व्यापारियों आदि को बिजली की अच्छी सुविधा जो भुपेश बघेल जी के शासन तक मिली और प्रदेश के उद्योगों को किसी तरह की कोई तकलीफ कांग्रेस शासन में नहीं हुई। और आज छ.ग. राज्य में भाजपा की विष्णु देव साय की सरकार आने के बाद प्रदेश के राजनांदगांव जिला सहित तमाम बडे उद्योग और फैक्ट्री, राईस मिल की जो १२ घंटे से लेकर १५ घंटे तक पिछले १ सप्ताह से बिजली कटौती का जो खेल विभागीय अधिकारियों और संबंधित सरकारी तंत्र की कमजोर पकड़ के कारण आज छ.ग. के उद्योगों को प्रतिदिन करोड रूपयो का नुकसान हो रहा है, क्योंकि जिस ३३ केव्ही लाईन से छ.ग. स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बडे-बडे राईस मिल और उद्योगो की कटौती होने से मोटर जल रही है, और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानी अलग हो रही है, और जिस छ.ग. राज्य में २४ घंटे तमाम बडे उद्योगो को कांग्रेस शासन काल में बिजली पर्याप्त मिलती थी। और आज विद्युत विभाग के अधिकारी यह कहते है, कि खपत ज्यादा है और उत्पादन कम हो रहा है तो यह लापरवाही किसकी है यह एक गंभीर चिंता का विषय है, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के लिए जिस छ.ग. राज्य के पुराने उद्योगों आदि लोगो को बिजली की पर्याप्त सुविधा आप उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, तो फिर नए उद्योागों आदि का जो एम ओ यू छ.ग. सरकार कर रही है, उन उद्योगों को बिजली कहा से देगी और सबसे बड़ी बात यह है कि छ.ग. राज्य की खुद की जल, जंगल, जमीन और तमाम संसधान और बिजली के बडे पॉवर प्लांट छ.ग. राज्य के अधीन है। और यदि छ.ग. की विष्णु देव सरकार किन्ही प्राइवेट उद्योगपतियों को निजी लाभ पहुंचाने हेतु प्रयास तो नहीं कर रही है? और यदि किसी उद्योगपतियों को लाभ पहुचाने का षंडयंत्र कर रही है तो वह पूरी तरह गलत है क्योंकि १२-१५ घंटे बिजली कटौती से लाखों मजदूर छ.ग. के बेरोजगार हो रहे है यह सरकार को सोचना है और इसके लिए तत्काल अपात बैठक बुलाते हुए बिजली कटौती बंद का निर्देश जारी करे क्योकि सामने दीपावली का बडा त्यौहार है और २४ घंटे बिजली की संपूर्ण व्यवस्था करे और सरप्लस बिजली का छ.ग. राज्य जो आज उत्तरप्रदेश से महंगी बिजली खरीद रहा है वहंा विष्णु देव साय सरकार की नकामी को स्पष्ट रूप सेे सिद्ध कर रहा है। क्योंकि पूरे प्रदेश में बिजली विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने अपना पैर अंगद की तरह जमा लिया है?