*राम जन्म और राम-कौशल्या संवाद ने मोहा दर्शकों का मन*
0-आज जनक बाजार पुष्प वाटिका की लीला का होगा मंचन
,,,,, बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। नगर की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव-2026 के दूसरे दिन राम जन्म एवं राम-कौशल्या संवाद की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
लीला के प्रथम दृश्य में मनु और सतरूपा द्वारा भगवान विष्णु की कठोर तपस्या करते हुए दिखाया गया। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वरदान मांगने को कहा। दोनों ने भगवान विष्णु को पुत्र रूप में पाने का वरदान मांगा, जिसे भगवान ने स्वीकार कर लिया।
दूसरे दृश्य में राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति की इच्छा हुई। उन्होंने अपने गुरु वशिष्ठ से पुत्र प्राप्ति का उपाय पूछा। गुरु वशिष्ठ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराने की सलाह दी। यज्ञ के दौरान अग्निदेव प्रकट हुए और प्रसाद प्रदान करते हुए उसे रानियों में बांटने को कहा। राजा दशरथ ने प्रसाद तीनों रानियों में वितरित कर दिया। समय बीतने के बाद तीनों रानियों के यहां पुत्रों का जन्म हुआ।
कौशल्या के यहां भगवान विष्णु ने चार भुजाओं वाले विराट स्वरूप में अवतार लिया। इस दौरान भगवान विष्णु और माता कौशल्या के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भगवान विष्णु की भूमिका में मनोज तिवारी कुवरपुरा तथा कौशल्या की भूमिका में भगवान दास के अभिनय और संवाद अदायगी को दर्शकों ने खूब सराहा।
लीला का निर्देशन पं. प्रयाग गुरु उरगांव ने तथा संचालन राजकुमार मिझौना ने किया। हास्य कलाकार पंचम दीवाना ने अपनी हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
भगवान विष्णु की भूमिका मनोज तिवारी उर्फ काजू महाराज, कौशल्या की भगवान दास, दशरथ की रमेश मिश्रा सिकरी राजा, कैकेयी की रिंकू पायल, सुमित्रा की मोहिनी तथा लक्ष्मी जी की भूमिका रामदूत तिवारी ने निभाई।
रामलीला अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मंत्री पवन चतुर्वेदी सहित रामलीला एवं दशहरा कमेटी के सदस्यों ने उपस्थित रहकर आयोजन में सहयोग किया।