जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार सोनी के नेतृत्व में ASP ईशान सोनी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और न्याय की उठी बुलंद आवाज
राघवेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई,,जालौन।** *कलम को कैद करने की कोशिश मत करना, साहब… यही कलम जब सच लिखती है, तो बड़े-बड़े सवाल खड़े हो जाते हैं!* जनपद जालौन के उरई में पत्रकार राम चंद्र राजपूत के खिलाफ एक ही दिन में दो मुकदमे दर्ज होने का मामला गरमा गया है। पत्रकार ने मुकदमों में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले को लेकर जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष **अंजनी कुमार सोनी** के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकार एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग उठाई।
एक दिन में दो FIR, पत्रकार ने उठाए गंभीर सवाल
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, थाना कोतवाली उरई में 7 अक्टूबर 2026 को पत्रकार राम चंद्र राजपूत के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं। FIR संख्या **0619/2026** में शिकायतकर्ता रवीन्द्र पांचाल ने 6 अक्टूबर को शाम करीब चार बजे जिला महिला चिकित्सालय की पार्किंग में विवाद होने का आरोप लगाया है। वहीं, FIR संख्या **0618/2026** में शिकायतकर्ता मिथुन वाल्मीकि ने उसी दिन सुबह करीब 11:30 बजे उर्मिला हॉस्पिटल में हंगामा होने की शिकायत की है।
राम चंद्र राजपूत का कहना है कि महिला चिकित्सालय में कथित घटना के समय वह तहसील परिसर स्थित अपनी दुकान पर मौजूद थे। वहीं, उर्मिला हॉस्पिटल में वह पत्रकारिता के सिलसिले में कवरेज करने गए थे। उनके मुताबिक, वहां किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने दोनों शिकायतकर्ताओं को पहले से नहीं जानने की बात कहते हुए अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
हालांकि, मुकदमों में लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
अंजनी कुमार सोनी के नेतृत्व में पत्रकारों की एकजुटता
मामले को लेकर जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार सोनी के नेतृत्व में पत्रकारों ने ASP ईशान सोनी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि दोनों मुकदमों की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष रूप से कराई जाए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न होने दिया जाए।
पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनता की समस्याओं को सामने लाने वाले पत्रकारों से जुड़े मामलों में भी निष्पक्षता, पारदर्शिता और साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि किसी के खिलाफ गलत आरोप लगाए गए हैं, तो जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए।
न मुकदमों से कलम रुकेगी, न दबाव से आवाज थमेगी,
सच की राह पर चलने वालों की लड़ाई न्याय मिलने तक चलेगी!
CCTV फुटेज बनेगी अहम कड़ी, सुरक्षित कराने की मांग
ज्ञापन में उर्मिला हॉस्पिटल और संबंधित स्थानों की CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की गई। पत्रकार राम चंद्र राजपूत ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि फुटेज और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान से उस समय की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
पत्रकारों ने मांग की कि फुटेज मिटने या अनुपलब्ध होने से पहले उसे सुरक्षित किया जाए, दोनों FIR की निष्पक्ष जांच हो और जांच में आरोप असत्य पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए। राम चंद्र राजपूत ने अपनी बेगुनाही को लेकर नार्को टेस्ट कराने की चुनौती देने की बात भी कही।
### ज्ञापन देने पहुंचे पत्रकारों के नाम
इस दौरान जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार सोनी के साथ सुधीर पाठक, रामनरेश द्विवेदी, अजीत उपाध्याय, अमन अवस्थी, सोनू महाराज, अवनीश द्विवेदी, आदित्य मिश्रा, विकास कुमार, विजय शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, राघवेंद्र शर्मा, विकास सिंह, विनोद कुमार, नीरज प्रजापति, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, दीपेश गुप्ता, अनुज शर्मा, मानवेंद्र सिंह, विनोद मिश्रा, रोहित सोनी और संजय कुमार सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।
### ASP ईशान सोनी का आश्वासन, जांच पर टिकी निगाहें
पत्रकारों का ज्ञापन लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने मामले को गंभीरता से सुना और निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी तथा आरोप असत्य पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पत्रकारों की प्रमुख मांग है कि दोनों मुकदमों की जांच निष्पक्षता से हो, CCTV फुटेज सुरक्षित रखी जाए और साक्ष्यों के आधार पर न्याय सुनिश्चित किया जाए। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
**पत्रकारों का संदेश साफ है—आरोपों का फैसला दबाव से नहीं, साक्ष्यों से होना चाहिए और न्याय की राह में किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।**