शिव शर्मा की रिपोर्ट
प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम 500 प्रतिभागियों का पंजीयन कराने के निर्देश
जगदलपुर,। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर ओलम्पिक 2026 के लिए अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि बस्तर ओलम्पिक केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर अंचल के खिलाड़ियों, युवाओं और नागरिकों के लिए उत्सव है। इसमें खिलाड़ियों एवं युवाओं के साथ महिला समूहों की महिलाओं तथा आम नागरिकों की भी सक्रिय सहभागिता होती है। यही कारण है कि बस्तर ओलम्पिक में हर वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़ रही है। यह आयोजन बस्तर की खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरक साबित हो रहा है।
कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने बस्तर ओलम्पिक 2026 के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ अंदरूनी क्षेत्रों के युवाओं, ग्रामीणों और महिलाओं को भी अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत से कम से कम 500 प्रतिभागियों का पंजीयन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज, आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत युवाओं, नगरीय क्षेत्रों के युवाओं तथा उभरती खेल प्रतिभाओं का भी प्राथमिकता से पंजीयन कराने कहा है।
उन्होंने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष दोगुना पंजीयन लक्ष्य निर्धारित करते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खेल एवं युवा कल्याण, स्कूल शिक्षा, आदिवासी विकास और नगरीय प्रशासन सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मैदानी स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जाए और पात्र प्रतिभागियों को पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें प्रतियोगिता से जोड़ा जाए।
कमिश्नर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के खेल संघों एवं खेल संगठनों से भी सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खेल संघों और संगठनों के सहयोग से जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों तक पहुंच बनाते हुए पंजीयन में तेजी लाई जाए। साथ ही पंजीयन की अद्यतन प्रगति की नियमित समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से बस्तर के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का बेहतर मंच मिल रहा है। इसलिए यह आवश्यक है कि संभाग के दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों तक इस आयोजन की पहुंच सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों को इससे जोड़ा जाए।