आकांक्षात्मक विकासखण्डों की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश, कमजोर इंडिकेटर्स पर विशेष फोकस*

 सनत कुमार    बुधौलिया की रिपोर्ट

उरई।        जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आकांक्षात्मक विकासखण्ड रामपुरा एवं जालौन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजेन्द्र सिंह, द्वितीय आईएएस, सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश शासन तथा अभिषेक कुमार, आईएएस, विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, उत्तर प्रदेश ने प्रतिभाग करते हुए विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में दोनों विकासखण्डों के निर्धारित इंडिकेटर्स की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विकासखण्डों की वर्तमान स्थिति एवं विभिन्न संकेतकों की प्रगति से अधिकारियों को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान राज्य स्तर पर अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले संकेतकों, विशेष रूप से उपचारित टीबी मामलों के प्रतिशत, गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल की जांच उपलब्ध कराने तथा कुपोषण से मुक्त बच्चों सहित अन्य इंडिकेटर्स पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारियों ने कहा कि जिन इंडिकेटर्स में अपेक्षित प्रगति नहीं है, उनमें विभागवार ठोस कार्ययोजना तैयार कर विशेष प्रयास किए जाएं। निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के साथ ही पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े संकेतकों में जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी और निरंतर सुधार पर विशेष जोर दिया।विकासखण्ड रामपुरा एवं जालौन में निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त लगभग 4 करोड़ रुपये की धनराशि के सापेक्ष प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं तथा परियोजना प्रबंधकों को निर्माण कार्य नियमानुसार, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी समीर ने कहा कि आकांक्षात्मक विकासखण्डों का विकास सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित इंडिकेटर्स में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जहां प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारी रामपुरा एवं जालौन, सीएम फेलो तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंता एवं परियोजना प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया।

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