अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक नेताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यशाला का आयोजन यूनिसेफ CSO संस्था के सहयोग से किया गया।
कार्यशाला में नियमित टीकाकरण के महत्व, जीरो डोज बच्चों की पहचान एवं टीकाकरण, टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों एवं झिझक को दूर करने तथा समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ अजय कुमार,जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ विजय केसरवानी,उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुकेश पहाड़ी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं सुनील सक्सेना, रिजवान अली, प्रीति साहू सही कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न संप्रदायों के धर्म गुरुओं ने भी प्रतिभाग किया।
धार्मिक गुरुओं एवं प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने समुदायों में नियमित टीकाकरण के महत्व के संबंध में सकारात्मक संदेश दें तथा परिवारों को बच्चों का समय से पूर्ण टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। विशेष रूप से जीरो डोज एवं टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में बताया गया कि धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं का सहयोग समुदाय में विश्वास बढ़ाने तथा टीकाकरण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रतिभागियों से स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए टीकाकरण गतिविधियों को मजबूत करने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि “कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे” के उद्देश्य को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
जनहित संदेश:
“हर बच्चे का समय से पूर्ण टीकाकरण—स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है।”