अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बाँदा, । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों के समर्थन में गुरुवार को आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का बाँदा जिले में व्यापक असर देखने को मिला। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों की अधिकांश शाखाओं में पूरे दिन कामकाज ठप रहा, जिससे ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने शहर में इंडियन बैंक के जोनल कार्यालय, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल कार्यालय तथा कैनरा बैंक की स्टेशन रोड शाखा के सामने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की।
यूएफबीयू का कहना है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक यूनियनों के बीच हुए लिखित समझौतों को लागू नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने सरकार पर समझौतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
प्रमुख मांगें
– सप्ताह में पाँच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जाए।
– सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में समयानुसार वृद्धि और महंगाई भत्ते (डीए) में समानता सुनिश्चित की जाए।
– बैंकों में कर्मचारी और अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति की जाए।
– लाभ आधारित प्रोत्साहन योजना को तत्काल वापस लिया जाए।
आगे आंदोलन होगा तेज
यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की गई है।
प्रदर्शन में रावेन्द्र कुमार शुक्ला, नरेंद्र कश्यप, कुलदीप यादव, आशिफ नजमी, शशिकांत गुप्ता, अरुण अंबेडकर, दीपक गुप्ता, पराग वर्मा, शिवानी गुप्ता, ईशा सर्राफ, राजेश कुमार, राकेश गुप्ता, अजीत सोनकर, मोहित गुप्ता, सुधीर शुक्ला, ऋषि शुक्ला, महेश चौरसिया, चंद्रशेखर, अशोक, गोविंद, इंद्राज यादव, कुलदीप सोनी, नमन गुप्ता, नवल किशोर, संतोष सविता, जितेंद्र सागर, राजकुमार और दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहे।
यू.पी. बैंक एम्प्लाइज यूनियन के जिला मंत्री एवं प्रदर्शन संयोजक रावेन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि कर्मचारियों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाता।