अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बबेरू। मृतक भोज जैसी सामाजिक परंपराओं के उन्मूलन के उद्देश्य से समाज में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सामाजिक जागरूकता के तहत मृतक सेवानिवृत्त शिक्षक श्री स्वयंबर सिंह भभुआ जी अध्यक्ष जिला कूर्मि क्षत्रिय उत्थान समिति बांदा के घर पहुंचकर परिवारीजनों से मुलाकात की गई। और उनके पुत्र अरूण सिंह और प्रवीण सिंह ने आश्वासन दिया मृतक भोज के बदले आदर्श बालिका इण्टर कालेज भभुआ में लाइब्रेरी पुस्तकालय बनवाने के लिए शंकल्प लिए,।और शोक संवेदना व्यक्त की गई।
इस अवसर पर परिजनों को समझाया गया कि मृत्यु के उपरांत परिवार पहले से ही मानसिक एवं आर्थिक कठिनाइयों से गुजरता है। ऐसे समय में बड़े स्तर पर भोज का आयोजन परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है। इसलिए मृतक की स्मृति में अनावश्यक खर्च करने के बजाय, वृक्षारोपण,जरूरतमंदों की सहायता, बच्चों की शिक्षा अथवा अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता देना अधिक सार्थक हो सकता है।
इसी अभियान के अंतर्गत समरजीत पटेल की माता जी स्वर्गीय श्रीमती ननकी पत्नी स्वर्गीय श्री शिव गोपाल, निवासी पिण्डारन के निधन पर उनके परिवार से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की गई। साथ ही परिवारजनों से तेरहवीं भोज के न्यूनीकरण तथा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया गया। जिसमें पूर्व प्रधान समर जीत पटेल ने स्व माता श्रीमती ननकी जी की स्मृति में स्मृति वाटिका एवं स्मृति द्वार बनवाने हेतु शंकल्प लिए।।
समाज को नई दिशा देने की पहल
जागरूकता अभियान का उद्देश्य किसी की धार्मिक या पारिवारिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सामाजिक सहमति के साथ ऐसी परंपराओं को कम करना है जिनसे शोकाकुल परिवार पर अनावश्यक आर्थिक और सामाजिक दबाव पड़ता है।
आज इस अभियान में स्नातक एम एल सी प्रत्याशी शिव शंकर पटेल झांसी, पटेल संस्थान के अध्यक्ष मुंगी प्रसाद पटेल, महामंत्री विजय राम पटेल, कोषाध्यक्ष रोहित पटेल, श्री रमेश सिंह पटेल प्रबंधक शिवा जी पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिंह पुर, वरिष्ठ नागरिक, पटेल उत्थान समिति के महामंत्री भैया लाल पटेल,पूर्व प्रधान श्री राम मूरत पटेल भदेहदू, अवधेश जी, एवं पटेल उत्थान समिति के अध्यक्ष महेन्द्र पटेल, चन्द्र सेन सिंह पटेल समाज सेवी, कृषक नेता दिनेश निरंजन, कुर्मी क्षत्रिय उत्थान समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, शिक्षक भूपत सिंह, रणजीत सिंह, हरिश्चन्द्र नेता जी, धीरेन्द्र सिंह,फतपुरवा, राजेश पटेल,अमरनाथ आदि मौजूद रहे।
अभियान के माध्यम से समाज के लोगों से अपील की गई कि शोक की घड़ी में दिखावे के बजाय संवेदना, सहयोग और सादगी को महत्व दें। मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें और परिवार को इस कठिन समय में भावनात्मक एवं आर्थिक सहयोग प्रदान करें।
संदेश:
“शोक में सादगी अपनाएं, परिवार का बोझ घटाएं।
तेरहवीं भोज नहीं—संवेदना, सहयोग और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाएं।”