अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। गिरवां थाना क्षेत्र के एक मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा अपराध संख्या 270/2026 में घटना के वास्तविक तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित धाराएं बढ़ाने, निष्पक्ष विवेचना कराने तथा नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़िता का आरोप है कि अभियुक्त मनीष ने 27 फरवरी 2026 को उसे दिल्ली ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाने के बाद उसकी इच्छा और सहमति के विरुद्ध दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि इसके बाद शादी का आश्वासन देकर शिकायत न करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि बाद में भी उसके साथ यौन शोषण, धमकी और दबाव बनाए जाने का सिलसिला जारी रहा। गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने तथा पीड़िता और उसके परिवार को रुपये लेकर मामला समाप्त करने एवं जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि वर्तमान में मामला केवल बीएनएस की धारा 69 तक सीमित है, जबकि घटना के वास्तविक तथ्यों की समुचित जांच आवश्यक है। उसने मांग की है कि उसके बयान, मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान, मेडिकल एवं गर्भावस्था संबंधी अभिलेख, होटल के सीसीटीवी व रजिस्टर, मोबाइल कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट तथा अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विधिवत जांच कराई जाए।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि यदि उपलब्ध साक्ष्यों से सहमति के विरुद्ध दुष्कर्म की पुष्टि होती है तो बीएनएस की धारा 63/64 सहित अन्य उपयुक्त धाराओं को मुकदमे में जोड़ा जाए। पीड़िता ने आशंका जताई है कि आरोपित प्रभावशाली लोगों के माध्यम से विवेचना को प्रभावित करने और साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास कर सकते हैं।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की विवेचना किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष रूप से कराने, पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर नामजद आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई एवं गिरफ्तारी करने, मेडिकल व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने तथा उसे और उसके परिवार को मिल रही कथित धमकियों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
साथ ही उसने विवेचना को थाना गिरवां के स्थानीय प्रभाव से मुक्त रखते हुए किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराए जाने का भी अनुरोध किया है। प्रार्थना पत्र 24 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक को दिया गया है।