कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की दिशा में बड़ा कदम, भड़सेना में प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण*

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 शिव शर्मा की रिपोर्ट

 

अम्बागढ़ चौकी :-

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम भड़सेना में प्रस्तावित भूमि का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना को जिले के किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

 

जानकारी के अनुसार, कुलपति डॉ. रवि आर. सक्सेना के निर्देश पर पंडित किशोरी लाल शुक्ल महाविद्यालय की टीम के सदस्य उमेश देशमुख एवं के.के. डहरिया ग्राम भड़सेना पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप वर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत भड़सेना स्थित कांजी हाउस से लगी शासकीय भूमि का अवलोकन किया गया तथा भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग, भौगोलिक स्थिति एवं भविष्य में संस्थान के विस्तार की संभावनाओं का भी परीक्षण किया गया।

 

सूत्रों के अनुसार, भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप वर्मा ने लगभग एक वर्ष पूर्व जिले में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की मांग शासन के समक्ष रखी थी। इसके बाद इस मांग पर सकारात्मक पहल हुई और अब अधिकारियों की टीम द्वारा स्थल निरीक्षण किए जाने से केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया को गति मिली है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पहल जिले के कृषि एवं शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

 

प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र के शुरू होने से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ स्थानीय स्तर पर मिलेगा। केंद्र में मृदा परीक्षण, उन्नत बीज, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, जल संरक्षण, फसल प्रबंधन, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग तथा वैज्ञानिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने तथा बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिलेगी।

 

कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी एवं वानिकी को भी केंद्र में विशेष महत्व दिया जाएगा। फल, फूल, सब्जी, मसाला एवं औषधीय पौधों की उन्नत खेती, पौध उत्पादन, नर्सरी विकास तथा वन आधारित आजीविका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। वन उपज एवं वनौषधियों के संरक्षण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर भी विशेष कार्य होने की संभावना है, जिससे वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों के किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि विज्ञान केंद्र केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा। यहां समय-समय पर प्रशिक्षण, कौशल विकास, कृषि आधारित उद्यमिता, स्वरोजगार एवं कृषि व्यवसाय से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

 

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के बाद मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला आधुनिक कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकेगा। इससे हजारों किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा और नई पहचान प्राप्त होगी।

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