सनत कुमार बुधौलिया
उरई ।
‘‘मिशन सेफ फ्यूचर 3.0’’ अभियान के तहत आज दिनाँक 16 सितम्बर, 2026 को माननीय उच्च न्यायालय एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में राजेश कुमार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) व आनन्द राय कुरील यात्री/मालकर अधिकारी, जनपद जालौन द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विद्यालयी वाहनों, यात्री वाहनों व अन्य वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया गया। माननीय उच्च न्यायालय तथा शासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा और संरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रावधान का कड़ाई से अनुपालन कराने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
उक्त अभियान के तहत राजेश कुमार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) जनपद-जालौन द्वारा 03 स्कूली वाहनों में परिवहन नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाये जाने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार निरुद्ध की कार्यवाही की गयी तथा सम्बन्धित क्षेत्र के थानों में निरुद्ध किया गया व अन्य वाहनों के चालान किये गये।
इसी प्रकार आनन्द राय कुरील यात्रीकर/मालकर अधिकारी जनपद जालौन द्वारा स्कूली वाहनों सहित 06 वाहनों के विरुद्ध अनधिकृत संचालन में नियमानुसार प्रवर्तन की कार्यवाही करते हुए चालान किए गए।
स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षित यात्रा व सड़क सुरक्षा नियमों के दृष्टिगत जनपद के समस्त विद्यालयों के प्रबन्धकों/प्रधानाचार्यों/वाहन संचालकों को सचेत किया जाता है कि अपने विद्यालयों के समस्त वैध प्रपत्रों के साथ वाहन का संचालन करें व पंजीयन प्रमाण पत्र में स्वीकृत सीट क्षमता के अनुसार ही छात्र-छात्राओं को बैठाया जाए तथा उपरोक्त के अतिरिक्त यह भी अनुरोध हैं कि विद्यालयी वाहन व विद्यालयी वाहन के चालक का फिट होना अनिवार्य है।
अतः परिवहन विभाग जनपद जालौन जनपद में संचालित समस्त विद्यालयों के प्रबन्धक/ प्रधानाचार्यों से अपील करता है कि छात्राओं को लाने व ले जाने वाले प्रत्येक वाहन में अनिवार्य रुप से एक प्रशिक्षित महिला परिचर/सहायक की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा तैनात की जाने वाली महिला परिचर का पुलिस सत्यापन (Police Verification) एवं महिला परिचर से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरण विद्यालय अभिलेखों में सुरक्षित रखा जाए। साथ ही जब तक वाहन में अन्तिम छात्रा मौजूद रहती है, तब तक महिला परिचर का वाहन में रहना अनिवार्य होगा। यदि भविष्य में औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी वाहन में आवश्य प्रपत्रों एवं इस नियम का उल्लंघन पाया जाता है, तो वाहन के विरुद्ध कार्यवाही के साथ-साथ सम्बन्धित विद्यालय प्रबन्धन/प्रधानाचार्य के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसका समस्त उत्तरदायित्व सम्बन्धित विद्यालय के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य का होगा।