रिपोर्ट–सन्तोष कुमार सोनी
बांदा/करतल– आजआयुष्मान आरोग्य मंदिर बघेलाबारी में
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत फाइलेरिया मरीजों की रूढ़ता प्रबंधन एवं दिव्याकता निवारण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया ।
सीएचओ रोशनी देवी ने कहा की फाइलेरिया रोग जानलेवा नहीं पर एक घातक बीमारी है इस बीमारी से ग्रसित लोगों का जीवन काफी चुनौती पूर्ण हो जाता है ऐसे में शासन प्रशासन के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए कई प्रकार के अभियान चला रहा है। इसी मुहिम के तहत आज बुधवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बघेलाबारी में फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया इस मौके पर सीएचओ पीएसपी सदस्य रोशनी देवी ने फाइलेरिया मरीज राम सखी के प्रभावित अंग की सफाई कर एमएमडीपी प्रशिक्षण के बारे में बताया सीएचओ ने कहा एमएमडीपी किट का नियमित इस्तेमाल और एक्सरसाइज कर मरीज अपने प्रभावित अंगों के सूजन को कम कर सकते हैं । इसके लिए मरीजों को स्वयं जागरूक होना होगा तभी फाइलेरिया जैसे घातक बीमारी से स्वयं को बचाया जा सकता है । सीएचओ पीएसपी सदस्य स्वास्थ्य सखी केशकली ने कहा फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जिसका समय पर इलाज न होने से लोग दिव्यांग भी हो सकते हैं । इस बीमारी से बचाव के लिए सरकार साल में एक बार सर्वजन फाइलेरिया रोधी दवा वितरण का अभियान फरवरी माह में चलाती है । जिसमें दवा का सेवन कर फाइलेरिया जैसी गम्भीर बीमारी को रोका जा सकता है । पाथ डीसी बुंदेल सिंह ने मौजूद सभी फाइलेरिया रोगियों को देखभाल के तरीके बताये!
इस कार्यक्रम में सीएचओ रोशनी देवी स्वास्थ्यसखी,केशकली
सीफॉर प्रतिनिधि राजू प्रसाद, डीसी पाथ बुंदेल सिंह,रामकिशोर वर्मा (एच० एस०), राम चंद्र(कोटेदार) आदि उपस्थित रहे।
