सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन की संयुक्त समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण, प्रभावी अभियोजन, अवैध गतिविधियों पर अंकुश तथा विभागीय समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जवाबदेही, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ करें। गंभीर आपराधिक मामलों की विवेचना गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाए तथा अभियोजन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर दोषियों को शीघ्र दंड दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने महिला अपराध, साइबर अपराध, गैंगस्टर, पॉक्सो तथा अन्य गंभीर मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों की विवेचना निर्धारित समयसीमा में पूरी कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। गवाहों की समय पर उपस्थिति, साक्ष्यों के सुदृढ़ प्रस्तुतीकरण तथा अभियोजन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बैठक से ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान एवं जिला खनन अधिकारी सन्नी कौशल के अनुपस्थित रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों अधिकारियों का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना अनुमति अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में बर्दास्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि टास्क फोर्स समिति निरंतर भ्रमणशील रहे तथा परिवहन, पुलिस एवं खनन विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ओवरलोड व एनआर वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाएं। सड़क सुरक्षा, राजस्व संरक्षण एवं अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए नियमित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेंद्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, अभियोजन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
