अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा i उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार), लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना 2025–26 के अंतर्गत बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा के वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान 8 अप्रैल को लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में आयोजित 6वें उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर साइंस कांग्रेस के अवसर पर प्रदान किए गए, जिन्हें माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदान किया गया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य कृषि मंत्री बलदेव सिंह औलख, इक्रिसेट, हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, यूपीकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता तथा यूपीकार के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
*विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार*
– प्रो. अखिलेश चंद्र मिश्रा, प्राध्यापक, सब्जी विज्ञान, को उद्यानिकी क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन्होंने सब्जी फसलों की उन्नत किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के सुधार तथा किसानों की आय वृद्धि हेतु व्यावहारिक अनुसंधान कार्य किए हैं। इनके प्रयासों से क्षेत्र में सब्जी उत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस पुरस्कार के अंतर्गत ₹21,000 की धनराशि प्रदान की गई।
*युवा वैज्ञानिक पुरस्कार*
*कृषि विज्ञान के क्षेत्र में*
– डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता, सहायक प्राध्यापक, मृदा विज्ञान, को उनके महत्वपूर्ण शोध कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन्होंने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, पोषक तत्व संतुलन तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ाने और किसानों को वैज्ञानिक सलाह देने में सहायता मिली है।
*जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में*
– डॉ. विशाल चुग, सहायक प्राध्यापक, जैव प्रौद्योगिकी, को उनके नवाचारपूर्ण शोध कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन्होंने जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से फसल सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
युवा वैज्ञानिक पुरस्कार के अंतर्गत प्रत्येक विजेता को ₹11,000 की धनराशि प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी पुरस्कृत वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि प्रदेश में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक इसी प्रकार नवाचारपूर्ण शोध एवं तकनीकी विकास के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि, कृषि उत्पादन में सुधार तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को सुदृढ़ करने में अपना योगदान देते रहेंगे।
कुलपति ने यह भी कहा कि इस प्रकार के सम्मान युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित करते हैं और उन्हें उत्कृष्ट शोध कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी वैज्ञानिकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके सतत् योगदान की सराहना की।
