अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा i बुन्देलखंडल की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को योगी सरकार सजाने संवारने का काम कर रही है। जिसके क्रम में बांदा के ऐतिहासिक कालिंजर के लिए और भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट के लिए विशेष पैकेज और बेहतर कनेक्टिविटी का तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद यहां पर पर्यटन को पंख लगेंगे। वहीं अभी हाल ही में ऐतिहासिक कालिंजर के लिए को भू विरासत का दर्जा भी मिल चुका है जिससे यहां पर पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राम वन गमन पथ का भी कार्य तेजी से चल रहा है। जिसके बन जाने के बाद यहां पर आस्था और इतिहास का संगम दिखाई देगा। जहां पर्यटक कालिंजर के किले के इतिहास को यहां आकर करीब से जानेंगे और महसूस करेंगे तो वही चित्रकूट पहुंचकर आस्था से जुड़ेंगे और इसको लेकर चित्रकूट और कालिंजर के लिए विशेष पैकेज और बेहतर कनेक्टिविटी का कार्य किया जा रहा है।
*5 करोड़ की लागत से कालिंजर में बनाया गया पर्यटन सुविधा केंद्र*
ऐतिहासिक कालिंजर के किले में पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां पर सरकार के द्वारा किले के समीप लगभग 5 करोड रुपए की लागत से पर्यटन सुविधा केंद्र का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही किले में भी जो ऐतिहासिक व प्राचीन महल है। उनके संरक्षण को लेकर भी कार्य कराया गया है। वही किले के अंदर की सड़कें व अन्य पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर कार्य कराए गए हैं। जिसके बाद यहां पर पर्यटको की संख्या में बढ़ोतरी भी देखने को मिल रही है और देश और विदेश के पर्यटक यहां पर आ रहे हैं।
*पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति सरकार है गंभीर*
पर्यटन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्ट आर के रावत ने बताया कि जहां बांदा के कालिंजर के लिए में पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर सरकार के द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं तो वही चित्रकूट में भी धार्मिक स्थलों पर कार्य कराए गए हैं। जहां रामघाट में घाटों का निर्माण, लाइटिंग व अन्य जरूरी सुविधाओं के कार्य पूर्ण किए गए हैं। तो वहीं उत्तर प्रदेश के हिस्से में आने वाले कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में भी लाइट, टाइल्स समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर कार्य कराया गया है। इन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर है। जिसको लेकर बांदा और चित्रकूट में जो भी पर्यटन स्थल है। उनमें तेजी से कार्य कराई जा रहे हैं जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
